इलाहाबाद संग्रहालय : देश की पहली इंटरेक्टिव आजाद गैलरी बनकर तैयार, पीएम मोदी से उद्घाटन की तैयारी
1857 से लेकर 1947 तक की हर क्रांति को प्रदर्शित करने वाली देश की पहली इंटरेक्टिव आजाद गैलरी बनकर तैयार हो गई है। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को समर्पित आजाद गैलरी में सशस्त्र क्रांतिवीरों और क्रांति से जुड़े दस्तावेज और कुछ अन्य चीजों का डिजिटल अनुभव भी होगा।
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स्वतंत्रता संघर्ष के नायकों पर आधारित देश की पहली इंटरेक्टिव आजाद गैलरी इलाहाबाद संग्रहालय में अंतिम रूप लेने वाली है। क्रांतिवीरों की इस राष्ट्रीय इस गैलरी को फाइनल टच देने के लिए राष्ट्रीय संग्रहालय विज्ञान परिषद के विशेषज्ञों की टीम यहां कैंप कर रही है। इस गैलरी में अलफ्रेड पार्क में चंद्रशेखर आजाद की शहादत से लेकर काकोरी कांड, दांडी मार्च समेत स्वतंत्रता संग्राम की कई घटनाओं को इंटरेक्टिव तरीके से प्रदर्शित करने के लिए कला दीर्घा में सजा दिया गया है। प्रोजेक्टर भी लगा दिए गए हैं। 23 जुलाई को चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर इस गैलरी के उद्घाटन की तैयारी है, लेकिन इस तिथि को टाला भी जा सकता है।
1857 से लेकर 1947 तक की हर क्रांति को प्रदर्शित करने वाली देश की पहली इंटरेक्टिव आजाद गैलरी बनकर तैयार हो गई है। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को समर्पित आजाद गैलरी में सशस्त्र क्रांतिवीरों और क्रांति से जुड़े दस्तावेज और कुछ अन्य चीजों का डिजिटल अनुभव भी होगा। संस्कृति मंत्रालय ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत इस इंटरेक्टिव गैलरी का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराने का प्रस्ताव किया है।
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को समर्पित यह गैलरी सशस्त्र क्रांति से जुड़े उस समय के दस्तावेजों, हथियारों, वस्त्रों के अनूठे संग्रह के रूप में एक डिजिटल अनुभव देगी। यह देश की पहली ऐसी गैलरी होगी, जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन की हर क्रांति को लाइट और साउंड के माध्यम दिखाया जाएगा। इसमें हर क्रांतिकारी की कहानियां भी आडियो, वीडियो के जरिए बयां होंगी। इस गैलरी में 1857 की तोप और प्रथम विश्व युद्ध की मशीन गन आकर्षण का केंद्र बनेगी।
नेशनल कौंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम की ओर से इस इंटरेक्टिव गैलरी में हर क्रांति को प्रोजेक्टर के माध्यम से लाइव दिखाया जाएगा। एनसीएसएम के क्यूरेटर तापस कुमार संग्रहालय में अपनी टीम के साथ कैंप कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने बताया कि 10 दिन के भीतर इस गैलरी को संग्रहालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
इस गैलरी के उद्घाटन की तिथि पर अभी कुछ कहने की स्थिति नहीं है। देश की पहली इस इंटरेक्टिव गैलरी में प्रथम विश्व युद्ध की मशीनगन और तोप भी प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा गदर मूवमेंट से लेकर आजाद हिंद फौज से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों के अलावा भारत माता की आजादी के लिए जान की बाजी लगाने वाले क्रांतिकारियों की अमर निशानियां इस गैलरी की शोभा बढ़ाएंगी। - राघवेंद्र सिंह, आजाद गैलरी के समन्वयक।
सेंट्रल हाल से हटाई जाएगी आजाद की कोल्ट पिस्तौल
शहीदों की प्रतिमाएं खुद-ब-खुद स्वतंत्रता संघर्ष की अमरगाथा को बयां करती नजर आएंगी। अमर शहीद अल्फ्रेड पार्क में जिल कोल्ट पिस्तौल से चंद्रशेखर आजाद ने नाट बाबर के छक्के छुड़ाए थे और गोली लगने और घिरने के बाद खुद को गोली मारकर शहीद हो गए थे, ऐतिहासिक पिस्तौल अब संग्रहालय के सेंट्रल हॉल में नहीं दिखेगी। यह पिस्तौल को आजाद गैलरी का खास आकर्षण होगी।