{"_id":"62d703decee0bb5dc9530216","slug":"allahabad-highcourt-order-for-investigation-in-the-matter-of-selling-gram-sabha-land-as-private-property","type":"story","status":"publish","title_hn":"Allahabad highcourt: ग्रामसभा भूमि को निजी संपत्ति बता बेचने के मामले में जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Allahabad highcourt: ग्रामसभा भूमि को निजी संपत्ति बता बेचने के मामले में जांच के आदेश
Wed, 20 Jul 2022 12:50 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 20 Jul 2022 12:50 AM IST
विज्ञापन
allahabad high court
- फोटो : social media
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा की दादरी तहसील में गांवसभा की ज़मीन को निजी संपति बताकर भूमि अधिग्रहण के नाम पर करोड़ रुपये मुआवजा लेने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले में जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने सहित दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति सुधा रानी ठाकुर की खंडपीठ ने सच्चा सेवा समिति की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट में याची के अधिवक्ता केके राव ने तर्क दिया कि ग्रेटर नोएडा की दादरी तहसील के तुसियाना गांव में भूमाफिया ने अदालत में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर 2008 में किए गए भूमि अधिग्रहण के नाम पर सरकार से करीब सौ करोड़ रुपये मुआवजा हासिल किया है। यह घोटाला संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ है। याची की शिकायत पर गौतम बुद्धनगर के जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव राजस्व को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच के लिए अनुरोध किया है।
कोर्ट में अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि मामले की उच्चस्तरीय जांच जारी है। इसमें कई विभागों के विषेशज्ञ शामिल हैं, ऐसे में कम से कम दो माह का समय दिया जाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए19 सितंबर की तिथि तय करते हुए जांच रिपोर्ट को हलफनामे के साथ प्रस्तुत करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोर्ट में याची के अधिवक्ता केके राव ने तर्क दिया कि ग्रेटर नोएडा की दादरी तहसील के तुसियाना गांव में भूमाफिया ने अदालत में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर 2008 में किए गए भूमि अधिग्रहण के नाम पर सरकार से करीब सौ करोड़ रुपये मुआवजा हासिल किया है। यह घोटाला संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ है। याची की शिकायत पर गौतम बुद्धनगर के जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव राजस्व को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच के लिए अनुरोध किया है।
विज्ञापन
कोर्ट में अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि मामले की उच्चस्तरीय जांच जारी है। इसमें कई विभागों के विषेशज्ञ शामिल हैं, ऐसे में कम से कम दो माह का समय दिया जाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए19 सितंबर की तिथि तय करते हुए जांच रिपोर्ट को हलफनामे के साथ प्रस्तुत करने को कहा है।
विज्ञापन