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Allahabad highcourt: याचिका के बाद 82,83 की कार्रवाई अग्रिम जमानत पर नहीं लगाएगी रोक
Tue, 19 Jul 2022 11:53 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 19 Jul 2022 11:53 PM IST
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- फोटो : istock
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सैन्यकर्मी मनीष यादव की अग्रिम जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की पीठ ने कहा कि अगर याचिका दाखिल होने के बाद सीआरपीसी की धारा 82 और 83 के तहत कार्रवाई की जाती है तो अग्रिम जमानत दी जा सकती है। सैन्यकर्मी पर गाजीपुर के सदियाबाद में दुराचार सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज था।
याची मनीष यादव ने उसी मामले में अपनी अग्रिम जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की थी। सत्र न्यायालय ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी को पहले ही खारिज कर दिया था। जबकि, उसने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी सीआरपीसी की धारा 82 और 83 की कार्रवाई केपहले ही दाखिल कर दी थी।
जांच में कोर्ट को यह तथ्य मिले कि अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने से पूर्व 82 के तहत उद्घोषणा नहीं हुई थी। इसके अलावा वह घोषित अपराधी भी नहीं थी। ऐसे में तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
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याची मनीष यादव ने उसी मामले में अपनी अग्रिम जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की थी। सत्र न्यायालय ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी को पहले ही खारिज कर दिया था। जबकि, उसने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी सीआरपीसी की धारा 82 और 83 की कार्रवाई केपहले ही दाखिल कर दी थी।
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जांच में कोर्ट को यह तथ्य मिले कि अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने से पूर्व 82 के तहत उद्घोषणा नहीं हुई थी। इसके अलावा वह घोषित अपराधी भी नहीं थी। ऐसे में तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
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