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अल्लापुर पार्क में अवैध निर्माण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त
Thu, 03 Jun 2021 12:01 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 03 Jun 2021 12:01 AM IST
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allahabad high court
- फोटो : social media
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अल्लापुर, (प्रयागराज) पार्क में हो रहे अवैध निर्माण पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने कहा है कि निर्माण अधिकारियों की जानकारी में हो रहा है। इससे उनकी मिलभगत प्रतीत होती है। कोर्ट ने कहा कि वह दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करना चाहती है किंतु अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल के अनुरोध पर इस उम्मीद से सुनवाई चार जून के लिए स्थगित की जा रही है ताकि वह स्वयं अधिकारियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई से कोर्ट को अवगत करा सकें।
कोर्ट ने कहा कि ग्रामीण अभियंत्रण सेवा व नगर निगम की जानकारी में अवैध निर्माण हो रहा है। न तो अभियंत्रण सेवा ने ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की और न ही नगर निगम ने, जिस पर पार्क के रखरखाव का दायित्व है। इससे लगता है कि अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण हो रहा है। याचिका की अगली सुनवाई चार जून को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज नकवी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने शैलेश चंद्र मिश्र की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
याचिका में कानून के विरूद्ध बिना प्राधिकारी की अनुमति लिए ठेकेदार द्वारा पब्लिक पार्क में निर्माण कराया जा रहा है। अपर महाधिवक्ता ने कहा कि निर्माण ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है, इसके लिए ग्रामीण अभियंत्रण सेवा का कोई सरोकार नही है। ठेकेदार स्वयं निर्माण कर रहा है। इसपर कोर्ट ने कहा कि यदि अपर महाधिवक्ता की बात सही है तो यह गंभीर मसला है। अधिकारियों को पता है फिर भी कोई ऐक्शन नहीं लिया जा रहा है। कोर्ट ने आदेश की प्रति जिलाधिकारी प्रयागराज को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है और कृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
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कोर्ट ने कहा कि ग्रामीण अभियंत्रण सेवा व नगर निगम की जानकारी में अवैध निर्माण हो रहा है। न तो अभियंत्रण सेवा ने ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की और न ही नगर निगम ने, जिस पर पार्क के रखरखाव का दायित्व है। इससे लगता है कि अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण हो रहा है। याचिका की अगली सुनवाई चार जून को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज नकवी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने शैलेश चंद्र मिश्र की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
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याचिका में कानून के विरूद्ध बिना प्राधिकारी की अनुमति लिए ठेकेदार द्वारा पब्लिक पार्क में निर्माण कराया जा रहा है। अपर महाधिवक्ता ने कहा कि निर्माण ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है, इसके लिए ग्रामीण अभियंत्रण सेवा का कोई सरोकार नही है। ठेकेदार स्वयं निर्माण कर रहा है। इसपर कोर्ट ने कहा कि यदि अपर महाधिवक्ता की बात सही है तो यह गंभीर मसला है। अधिकारियों को पता है फिर भी कोई ऐक्शन नहीं लिया जा रहा है। कोर्ट ने आदेश की प्रति जिलाधिकारी प्रयागराज को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है और कृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
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