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जिला सहकारी बैंक झांसी के सचिव के वेतन भुगतान पर रोक, आदेश की अवहेलना पर कोर्ट की सख्ती
Thu, 02 Sep 2021 08:40 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 02 Sep 2021 08:40 PM IST
सार
कोर्ट ने 26 फरवरी 2020 को याची के खिलाफ दंडात्मक आदेश 10 दिसंबर 2010 को रद कर दिया था और कहा था कि याची सेवाजनित सभी परिलाभ पाने का हकदार हैं। इस आदेश के खिलाफ विशेष अपील भी 15 मार्च 2021को खारिज हो गई।
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कोर्ट
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला सहकारी बैंक झांसी के सीईओ/सचिव नंद किशोर के वेतन भुगतान पर 17 सितंबर तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा आदेश के 18 माह बाद भी पालन नहीं किया गया। जबकि सचिव के वकील को जानकारी लेने व अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का समय दिया गया था। इसके बावजूद न तो कोई जानकारी दी और न ही आदेश का पालन किया। सचिव के अधिवक्ता सत्यम सिंह के अनुरोध पर कोर्ट ने 17 सितंबर की तारीख लगाते हुए विपक्षी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने अमरेंद्र नाथ चौधरी की अवमानना याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने 26 फरवरी 2020 को याची के खिलाफ दंडात्मक आदेश 10 दिसंबर 2010 को रद कर दिया था और कहा था कि याची सेवाजनित सभी परिलाभ पाने का हकदार हैं। इस आदेश के खिलाफ विशेष अपील भी 15 मार्च 2021को खारिज हो गई। याची 2011 में सेवानिवृत्त हो चुका है। उसकी आयु 70 साल हो गई है। कोर्ट द्वारा समय दिए जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। इसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
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कोर्ट ने 26 फरवरी 2020 को याची के खिलाफ दंडात्मक आदेश 10 दिसंबर 2010 को रद कर दिया था और कहा था कि याची सेवाजनित सभी परिलाभ पाने का हकदार हैं। इस आदेश के खिलाफ विशेष अपील भी 15 मार्च 2021को खारिज हो गई। याची 2011 में सेवानिवृत्त हो चुका है। उसकी आयु 70 साल हो गई है। कोर्ट द्वारा समय दिए जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। इसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
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