फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad High Court remained on the world stage with its memorable decisions

Prayagraj News: यादगार फैसलों से दुनिया के पटल पर छाया रहा इलाहाबाद हाईकोर्ट

Sun, 31 Dec 2023 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Sun, 31 Dec 2023 02:00 AM IST
विज्ञापन
Allahabad High Court remained on the world stage with its memorable decisions
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस साल अपने फैसलों से दुनिया भर के लोगों का कई बार ध्यान खींचा। 17 साल पुराने निठारी कांड में फांसी की सजा पा चुके सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को जीवनदान मिला, लेकिन मासूमों के कातिलों का कुछ पता न लगा। हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण की 32 साल पुरानी लड़ाई की वैधानिकता पर मोहर लगाते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को सुलझाने की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए।
विज्ञापन


16 अक्तूबर: निठारीकांड पर निर्णय
नोेएडा के निठारी कांड की सुनवाई कई पीठों ने की, फैसला दिया न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और एसएचए रिजवी की खंडपीठ ने। 14 अपीलों की रोजाना सुनवाई के बीच कोली के वकीलों ने केस की खामियों की ऐसी पोल खोली कि सीबीआई की थ्योरी धराशायी हो गई। कोर्ट ने फांसी की सजा पाए सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को बरी कर दिया। इस फैसले से दोषियों को जिंदगी मिल गई, लेकिन मासूम बच्चों और युवतियों के कातिलों का कोई सुराग नहीं लगा।
विज्ञापन


3 अगस्त: ज्ञानवापी के सर्वे को हरी झंडी
हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायधीश प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने एएसआई के इस आश्वासन पर वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति दे दी कि ज्ञानवापी के मूल ढांचे को कोई नुकसान नहीं होगा। हिंदू पक्ष का दावा है कि ज्ञानवापी में 100 फीट ऊंचा आदि विश्वेश्वर का स्वयंभू ज्योतिर्लिंग है। काशी विश्वनाथ मंदिर का करीब 2050 साल पहले महाराजा विक्रमादित्य ने करवाया था, जिसे मुगल सम्राट औरंगजेब ने 1664 ईस्वी में तुड़वा कर ज्ञानवापी मस्जिद बनवा दी। 19 दिसंबर को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की पांच याचिकाओं को भी न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने खारिज कर दिया। इस मामले में पहले न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ फैसला देने वाली थी, लेकिन ऐन दिन तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर ने मामला अपनी कोर्ट में स्थानांतरित कर लिया। सुनवाई खुद की, लेकिन सेवानिवृत होने से पहले फैसला नहीं सुना सके। कोर्ट ने ज्ञानवापी को राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा बताते हुए वाराणसी में लंबित दीवानी वाद को चलाने की अनुमति भी दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

14 दिसंबर: मथुरा की शाही ईदगाह का सर्वे
न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की पीठ ने मथुरा की शाही ईदगाह और श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद सुलझाने के लिए इसके वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति दे दी है। इसी दिन याची संख्या छह के रूप में भगवान श्रीकृष्ण (प्रतिमा) भी पास बनवाकर पैरवी के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए थे। 18 दिसंबर को एडवोकेट कमीशन का खाका खींचे जाने से पहले मुस्लिम पक्षकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए, इसलिए सुनवाई आठ जनवरी को नियत की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed