{"_id":"65a2621b5ebd6bb3e003e5c9","slug":"allahabad-high-court-reducing-revenue-promises-is-commendable-questions-raised-on-method-2024-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Allahabad High Court : राजस्व वादों को घटाना सराहनीय, तरीके पर उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Allahabad High Court : राजस्व वादों को घटाना सराहनीय, तरीके पर उठे सवाल
Sat, 13 Jan 2024 03:42 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 13 Jan 2024 03:42 PM IST
सार
कोर्ट ने राजस्व सचिव को निर्देश दिया है कि वह परीक्षण कर तय करें कि कौन से सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए ताकी भारी संख्या में खारिज कर मुकद्दमे तय करने की खानापूर्ति कर उद्देश्य हासिल न किया जाए।
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : साेशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लंबित राजस्व वादों की संख्या घटाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की है। किंतु कहा है कि राजस्व अधिकारी जिस तरीके से केस निपटा रहे उनका अनुमोदन नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
कोर्ट ने राजस्व सचिव को निर्देश दिया है कि वह परीक्षण कर तय करें कि कौन से सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए ताकी भारी संख्या में खारिज कर मुकद्दमे तय करने की खानापूर्ति कर उद्देश्य हासिल न किया जाए। कोर्ट ने राजस्व सचिव से उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी के साथ हलफनामा मांगा है। जनहित याचिका की सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
विज्ञापन
यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एमके गुप्ता तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने बलिया जिले की तहसील सिकंदरपुर बार एसोसिएशन की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
याची का कहना है कि राज्य सरकार ने सर्कुलर जारी कर राजस्व वादों की संख्या कम करने का निर्देश दिया है। जिस पर राजस्व अधिकारी भारी संख्या में मुकद्दमे अदम पैरवी में खारिज कर रहे हैं। मुकद्दमे पुनर्स्थापन अर्जी स्वीकार की जा रही क्योंकि अधिकारियों को पता है कि अवैध आदेश जारी किया था। इससे मुकद्दमों की संख्या घटने के बजाय बढ़ रही है।
मुकद्दमे मेरिट पर तय नहीं हो रहे। याची का यह भी कहना है कि तहसील से आदेश सीट की सत्यापित कापी नहीं दी जा रही है जिससे दाखिल केस के साथ आदेश सीट संलग्न करने में असमर्थ हैं। सरकार ने राजस्व अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से मुकद्दमे तय कर संख्या घटाने का निर्देश दिया है।