Allahabad High Court : अनाथ बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के आरोपी ''पुजारी'' को नहीं मिली जमानत
अमरोहा के थाना आदमपुर में आरोपी जमना गिरि पर अप्राकृतिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। अभियोजन के अनुसार पीड़ित नाबालिग है और उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। नाबालिग अपने चाचा के साथ रह रहा है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 वर्षीय अनाथ बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के आरोपी पुजारी को जमानत देने से इन्कार कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि पीड़ित के बयान से यह स्पष्ट है कि आवेदक ने ऐसा अपराध किया है, जिसने न्यायालय की अंतरात्मा को झकझोर दिया। ऐसा कोई कारण नहीं है कि पीड़ित आवेदक के खिलाफ इस प्रकार का बयान दे। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने आवेदक जमना गिरी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
अमरोहा के थाना आदमपुर में आरोपी जमना गिरि पर अप्राकृतिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। अभियोजन के अनुसार पीड़ित नाबालिग है और उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। नाबालिग अपने चाचा के साथ रह रहा है। 09 फरवरी 2024 को नाबालिग मेला देखने गया था। इसी दौरान आरोपी ने घटना को अंजाम दिया। पीड़ित ने बताया कि आरोपी उसे एक मंदिर के पास ले गया और उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। आरोपी को 10 फरवरी 2024 जेल में है। उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई।
आरोपी के वकील ने दलील दी कि गांव की दुश्मनी के चलते उसे झूठा फंसाया गया है। मंदिर से पुजारी को हटवाने के लिए बच्चे का चाचा ने इस तरह की झूठी एफआईआर दर्ज कराई है। जांच के दौरान कोई चोट नहीं पाई गई। इसलिए जमानत पर रिहा करने के लिए प्रार्थना की। वहीं, अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत की प्रार्थना का विरोध किया। कोर्ट ने कथित अपराध की गंभीरता और पीड़ित के बयान पर विचार करते हुए जमानत देने से इन्कार कर दिया।