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Allahabad High Court : नेशनल हाईवे निर्माण के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज
Thu, 19 May 2022 09:32 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 19 May 2022 09:32 PM IST
सार
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने जयंती देवी व अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए पारित किया। मामले में याचिका दाखिल कर प्रोजेक्ट के लिए जारी 16 जुलाई 2012 व 22 दिसंबर 2021 की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी तथा इसे रद्द करने की कोर्ट से मांग की गई थी।
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हाईकोर्ट।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
शाहजहांपुर और पीलीभीत इलाके में हो रहे नेशनल हाईवे निर्माण के खिलाफ दाखिल याचिकाओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे का निर्माण ग्रीन नेशनल हाईवे कारीडोर प्रोजेक्ट के अंतर्गत ढांचा तैयार करने, मरम्मत व चौड़ीकरण आदि को लेकर किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय महत्व का है। कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी।
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यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने जयंती देवी व अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए पारित किया। मामले में याचिका दाखिल कर प्रोजेक्ट के लिए जारी 16 जुलाई 2012 व 22 दिसंबर 2021 की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी तथा इसे रद्द करने की कोर्ट से मांग की गई थी।
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अधिसूचना नेशनल हाईवे एक्ट के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा जारी की गई थी। कोर्ट ने अपने पारित आदेश में कहा कि याची ने नेशनल हाईवे एक्ट की धारा तीन ए की अधिसूचना जारी होने के बाद कोई आपत्ति नहीं की। बल्कि थ्री डी की प्रक्त्रिस्या पूरी होने के बाद आपत्ति की।
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याचिका कहना था कि टोल प्लाजा का निर्माण औद्योगिक क्षेत्र से पांच किलोमीटर के अंदर नहीं किया जा सकता। कहा गया था कि याचीगण की भूमि औद्योगिक क्षेत्र के पांच किलोमीटर की परिधि में है। हाई कोर्ट ने इस दलील को सही नहीं माना और याचिका खारिज कर दी।