Allahabad High Court : बार एसोसिएशन की सहमति बगैर नहीं शुरू होगी कोई व्यवस्था
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ में ई-फाइलिंग सेंटर स्थापित किए जाने के मामले में कहा है कि बार एसोसिएशन की सहमति के बिना कोई भी व्यवस्था नहीं शुरू हो सकती है। मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने कहा कि उनकी तरफ से कोई सहमति नहीं दी जाएगी।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ में ई-फाइलिंग सेंटर स्थापित किए जाने के मामले में कहा है कि बार एसोसिएशन की सहमति के बिना कोई भी व्यवस्था नहीं शुरू हो सकती है। मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने कहा कि उनकी तरफ से कोई सहमति नहीं दी जाएगी।
मेरठ में ई-फाइलिंग सेंटर खोले जाने के संबंध में कानून मंत्री किरन रिजिजू के बयान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने आपत्ति जताई थी। चेतावनी दी थी कि मंत्री बयान देने या इस तरह की कार्रवाई करने से बाज आए अन्यथा इसकी लड़ाई बार सड़क तक ले जाएगी।
बार इस मामले में लगातार आंदोलन चलाए हुए है। सोमवार को जब मुख्य न्यायमूर्ति की अगुवाई खंडपीठ ने सुनवाई शुरू की तो बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह और महासचिव नितिन शर्मा ने इस मामले को खंडपीठ के समक्ष रखा। पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं की चिंताओं से खंडपीठ को अवगत कराया। इस पर खंडपीठ ने आश्वासन दिया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन व कार्यकारिणी को विश्वास में लिए बगैर खंडपीठ किसी प्रकार की सहमति नहीं देगी। कोई पत्र कहीं से भी नहीं आया है। कार्यकारिणी इस विषय पर किसी भी समय चर्चा कर सकती है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा।