Allahabad High Court : एयरपोर्ट कॉरीडोर के लिए सौ साल पुराने होम्योपैथी क्लिनिक और रेस्टोरेंट के ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर व न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राकेश गुप्ता व दो अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण ( पीडीए) से पूछा है कि याची ने किस तरह का अतिक्रमण किया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज एयरपोर्ट कॉरिडोर के लिए सुलेमसराय आवास योजना में सौ साल पुराने होम्योपैथिक क्लीनिक और रेस्टोरेंट के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है। रविवार को छुट्टी के दिन याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।
अब याचिका पर विस्तृत सुनवाई 24 फरवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर व न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राकेश गुप्ता व दो अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण ( पीडीए) से पूछा है कि याची ने किस तरह का अतिक्रमण किया है।
याची का तर्क है कि एक जनहित याचिका पर पारित आदेश के तहत कानपुर रोड से सटे अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। यह अतिक्रमण प्रयागराज एयरपोर्ट कॉरिडोर निर्माण के लिए हटाए जा रहे हैं। पीडीए पहले ही सर्वे कराकर अतिक्रमण हटा चुका है।
24 फरवरी को होगी मामले की सुनवाई
हाईकोर्ट ने कोरोना काल में सामान्य समादेश जारी कर 28 फरवरी तक ध्वस्तीकरण कार्रवाई स्थगित रखने का भी निर्देश दिया है। याची ने 27 दिसंबर 2021 को प्रत्यावेदन दिया था, जिसे सात जनवरी 2022 को निरस्त कर दिया गया है। मगर, इसकी जानकारी याची को नहीं दी गई है। कहा गया कि वह मकान नंबर पर टैक्स जमा कर रहा है।
पीडीए का कहना था कि याची ने प्रत्यावेदन निरस्त करने के आदेश को चुनौती नहीं दी है। याची को आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने का वैकल्पिक उपचार प्राप्त है। याचिका पोषणीय नहीं है।
ऐसे में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। पीडीए का कहना था कि अवमानना याचिका पर कोर्ट के आदेश से टीम ने निरीक्षण कर अतिक्रमण चिन्हित किया है। कोर्ट के आदेश पर ही ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जा रही है। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय माना और 24 फरवरी को सुनवाई का निर्देश दिया है।