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हाईकोर्टः डीएम गौतमबुद्ध नगर की निष्क्रियता से हाईकोर्ट में बढ़ रहे अनावश्यक मुकदमे
Tue, 28 Sep 2021 08:07 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 28 Sep 2021 08:07 PM IST
सार
- डीएम सुहास एल वाई 4 अक्तूबर को हाईकोर्ट में तलब
- रेरा द्वारा जारी रिकवरी सर्टिफिकेट पर कार्यवाही न करने का मामला
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी( रेरा) द्वारा जारी रिकवरी प्रमाण पत्र पर कोई कार्रवाई न करने पर डीएम गौतमबुद्ध नगर सुहास एलवाई को 4 अक्तूबर को अदालत में तलब कर लिया है । कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा डीएम की निष्क्त्रिस्यता से हाईकोर्ट में अनावश्यक मुकदमों का बोझ बढ़ रहा है। क्योंकि जिलाधिकारी रेरा द्वारा जारी रिकवरी सर्टिफिकेट को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं ।
गौतमबुद्ध नगर की प्रिया कपार्टी की याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति एमएन भंडारी और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ सुनवाई कर रही है। याची ने इको विलेज प्रोजेक्ट 4 ग्रेटर नोएडा में फ्लैट आवंटन के लिए एडवांस रकम जमा की थी। प्रोजेक्ट असफल हो गया और प्रमोटर समय पर कब्जा नहीं दे सके, जिस कारण याची ने रेरा में परिवाद दाखिल किया।
रेरा ने अग्रिम भुगतान की गई रकम वापसी के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया। रिकवरी जिला प्रशासन के माध्यम से होनी है, मगर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट का कहना था कि मामला 2 साल से अधिक पुराना है। रेरा ने रिकवरी का आदेश दिया, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट ने डीएम को रिकवरी के सभी लंबित मामलों में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ 4 अक्तूबर को हाजिर होने का निर्देश दिया है।
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गौतमबुद्ध नगर की प्रिया कपार्टी की याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति एमएन भंडारी और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ सुनवाई कर रही है। याची ने इको विलेज प्रोजेक्ट 4 ग्रेटर नोएडा में फ्लैट आवंटन के लिए एडवांस रकम जमा की थी। प्रोजेक्ट असफल हो गया और प्रमोटर समय पर कब्जा नहीं दे सके, जिस कारण याची ने रेरा में परिवाद दाखिल किया।
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रेरा ने अग्रिम भुगतान की गई रकम वापसी के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया। रिकवरी जिला प्रशासन के माध्यम से होनी है, मगर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट का कहना था कि मामला 2 साल से अधिक पुराना है। रेरा ने रिकवरी का आदेश दिया, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट ने डीएम को रिकवरी के सभी लंबित मामलों में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ 4 अक्तूबर को हाजिर होने का निर्देश दिया है।
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