{"_id":"69ba460a5476e696cc0c9fbc","slug":"allahabad-high-court-decisions-will-also-be-available-in-hindi-all-non-afr-orders-will-be-translated-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP : इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय हिंदी में भी होंगे उपलब्ध, सभी नॉन-एएफआर आदेशों का किया जाएगा अनुवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP : इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय हिंदी में भी होंगे उपलब्ध, सभी नॉन-एएफआर आदेशों का किया जाएगा अनुवाद
Wed, 18 Mar 2026 11:58 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:58 AM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्याय को आमजन तक सहज और समझने योग्य बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। 160वें स्थापना दिवस पर हाईकोर्ट ने कहा कि उसके निर्णय केवल अंग्रेजी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हिंदी में भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्याय को आमजन तक सहज और समझने योग्य बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। 160वें स्थापना दिवस पर हाईकोर्ट ने कहा कि उसके निर्णय केवल अंग्रेजी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हिंदी में भी उपलब्ध कराए जाएंगे। 17 मार्च से सभी नॉन-एएफआर अंतिम निर्णयों और आदेशों का हिंदी में अनुवाद किया जाएगा।
विज्ञापन
यह नई व्यवस्था इलाहाबाद मुख्य पीठ और लखनऊ खंडपीठ दोनों पर लागू होगी। इसके तहत तीन पृष्ठ या उससे अधिक के नॉन-एएफआर अंतिम फैसलों और आदेशों का हिंदी अनुवाद किया जाएगा जिससे वादियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को न्यायालय के निर्णयों को समझने में आसानी होगी।
विज्ञापन
अब तक केवल कुछ सीमित श्रेणियों के निर्णयों का ही हिंदी अनुवाद किया जाता था लेकिन इस पहल के बाद व्यापक स्तर पर फैसलों को हिंदी में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही एएफआर (प्रकाशन योग्य) निर्णयों और उत्तर प्रदेश, मुंबई हाईकोर्ट और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामलों के फैसलों का भी हिंदी अनुवाद किया जा रहा है।
विज्ञापन
न्यायालय प्रशासन के अनुसार, सभी अनुवादित निर्णय उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे कोई भी व्यक्ति उन्हें आसानी से पढ़ और समझ सकेगा।
यह अनुवाद सुवास सेल (इलाहाबाद एवं लखनऊ) की ओर से मुख्य न्यायमूर्ति के संरक्षण में और एआई आधारित विधिक अनुवाद सलाहकार, ई-एएचसीआर और आईएलआर समिति के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।