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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad High Court: Daughter-in-law should have sympathy for mother-in-law

Allahabad High Court : सास के प्रति बहू को रखनी चाहिए सहानुभूति

Tue, 26 Jul 2022 12:03 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 26 Jul 2022 12:03 AM IST
सार

विभाग ने पत्नी को 75 फीसदी व उसकी सास मृत सैनिक की मां को 25 फीसदी भुगतान कर दिया। धन राशि के बंटवारे को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। पत्नी का कहना था कि नामित होने के कारण उसे पूरी राशि का भुगतान किया जाय।

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Allahabad High Court: Daughter-in-law should have sympathy for mother-in-law
court new - फोटो : istock

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बहू को अपना बेटा खोने वाली सास के प्रति सहानुभूति होनी चाहिए। उसे विभाग के धन राशि बंटवारे को स्वीकार करना चाहिए। कोर्ट ने एक उक्ति कही कि मां तुम्हे एक जीवन देती है और सास अपना जीवन सौंप देती है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने श्रीमती सुनीता की याचिका पर दिया है।

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विभाग ने पत्नी को 75 फीसदी व उसकी सास मृत सैनिक की मां को 25 फीसदी भुगतान कर दिया। धन राशि के बंटवारे को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। पत्नी का कहना था कि नामित होने के कारण उसे पूरी राशि का भुगतान किया जाय। भारत सरकार की तरफ से नियमों का हवाला दिया गया जिसमें विवाद की दशा में दावे के विभाजन का नियम है। कोर्ट ने सेना द्वारा भुगतान को सही माना और याचिका खारिज कर दी।

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