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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा- राजमार्गों पर कितने पेड़-पौधे लगाए

Fri, 18 Dec 2020 07:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 18 Dec 2020 07:02 PM IST
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Allahabad High Court asked - How many trees planted on the highways
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि प्रयागराज से दूसरे शहरों की ओर से जाने वाले मार्गों चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्ग हो या राज्य मार्ग अथवा कोई अन्य कितने पेड़- पौधे लगाए गए हैं। प्रयागराज में आलोपी बाग से हंडिया के बीच बन रहे सिक्स लेन हाईवे और नगर निगम की सीमा में 17 अन्य मार्गों के चौड़ीकरण के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई के खिलाफ विधि छात्रों द्वारा दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति एमएन भंडारी और न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने इस याचिका को इसी मुद्दे पर पहले से दाखिल अन्य जनहित याचिकाओं के साथ संबद्ध कर 19 जनवरी को पेश करने का निर्देश दिया है।

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अक्षय प्रकाश,अनुराधा गुप्ता, आयुष श्रीवास्तव, आयुष यादव, दर्शन गुप्ता, किरन श्रीवास्तव, मानुषी, नम्रता सिंह और सबीह फतिमा आदि विधि छात्रों ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि अलोपीबाग से हंडिया के बीच बन रहे सिक्स लेन हाईवे और शहर के भीतर 17 मार्गों को चौड़ा करने के क्रम में पेड़ों को काटने से रोका जाए।

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Allahabad High Court asked - How many trees planted on the highways
इलाहाबाद हाईकोर्ट

कोर्ट से जिलाधिकारी और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह इन पेड़ों की कटाई की अनुमति न दें। जहां बड़े पेड सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहे हैं वहां उनको काटने के बजाए आधुनिक तकनीक से दूसरे स्थान पर पुनस्थार्पित किया जाए। यह भी मांग की गई कि सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर काटे गए पेड़ों और लगाए गए पौधों का ब्यौरा तलब किया जाए। 

Allahabad High Court asked - How many trees planted on the highways
अंबेडकरनगर में सोमवार को सघन पौधरोपण अभियान के लिए आए पौधे। - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि इसी मुद्दे को लेकर पहले से कई जनहित याचिकाएं लंबित हैं। उन पर कोर्ट ने निर्देश जारी किए हैं। नियमित रिपोर्ट कोर्ट को दी जा रही है। इस याचिका को भी उन्हीं याचिकाओं के साथ संबद्ध कर सुनवाई की जाए। कोर्ट का कहना था कि पेड़ों की कटाई के मामले में सुप्रीमकोर्ट द्वारा टीएन गुडावर्मन केस में दी गई गाइडलाइन का पालन किया जाए।

गाइड लाइन यह है कि जितने पेड़ काटे जाएं उसके दो गुने लगाए जाएं। पर्यावरण संतुलन के लिए सुप्रीमकोर्ट के आदेश का पालन आवश्यक है। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कई राज्यों में इन निर्देशों का पालन कर रहा है। अगली सुनवाई पर पहले से विकसित की जा चुकी सड़कों पर लगाए गए पेड़-पौधों की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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