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प्रयागराजः पुलिस की कार्यप्रणाली से हाईकोर्ट नाराज, डीजीपी तलब

Sun, 01 Mar 2020 06:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 01 Mar 2020 06:33 AM IST
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Allahabad High court angry over police functioning summoned DGP
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

आपराधिक मामलों की विवेचना में यूपी पुलिस की लापरवाही से नाराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी यूपी और कन्नौज के एसएसपी को तलब कर लिया है। कोर्ट ने डीजीपी से पिछले एक साल के दौरान दर्ज हुए उन मुकदमों की सूची पेश करने के लिए कहा है, जिनमें विवेचना अभी भी लंबित है। 

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डीजीपी को यह भी स्पष्ट करने के लिए कहा है कि किस कारण से इन गंभीर अपराधों में विवेचना पूरी नहीं हो सकी है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ  उन्होंने क्या कार्रवाई की है। यदि कार्रवाई नहीं की गई है तो उसका भी कारण स्पष्ट करें।
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 कन्नौज के धर्मपाल सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति राजीव मिश्र की खंडपीठ ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि हत्या जैसे गंभीर और संवेदनशील मामले में भी ठीक से जांच नहीं की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी भी इस बात का ध्यान नहीं रखते हैं कि विवेचना ठीक से नहीं हो रही है। 
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पीठ ने कहा कि हमारी नजर में इसके लिए एसएसपी कन्नौज से लेकर के डीजीपी तक जिम्मेदार है, क्योंकि उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों की निगरानी करेंगे।

धर्मपाल के मामले में कहा गया कि उसने कन्नौज के विशुगढ़ थाने में 22 जुलाई 2018 को हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, बलवा आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन, इस मामले में पुलिस विवेचना नहीं कर रही है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया था। सरकार की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे को देखने से पता चला कि वास्तव में इतने गंभीर मामले में पुलिस ने कोई जांच नहीं की है। 


इस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा की पुलिस हत्या अपहरण और डकैती जैसे गंभीर अपराधों में भी प्रभावी तरीके से विवेचना नहीं कर रही है। उन्होंने डीजीपी से पूछा है कि गंभीर मुकदमों में त्वरित और प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने क्या कार्रवाई की है। मामले की सुनवाई पांच मार्च को होगी।

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