{"_id":"609be54e8ebc3ec36a6048fd","slug":"alert-in-prayagraj-on-receipt-of-black-fungus-in-corona-infected-in-srn-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआरएन अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित में ब्लैक फंगस मिलने पर प्रयागराज में अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआरएन अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित में ब्लैक फंगस मिलने पर प्रयागराज में अलर्ट
Wed, 12 May 2021 07:55 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 12 May 2021 07:55 PM IST
सार
- एसआरएन अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमितों में म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) संक्रमण पहचान को जांच
लक्षण
- नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए
- नाक में सूजन आ जाए
- दांत या जबड़े में दर्द हो या दांत गिरने लगें
- आंखों के सामने धुंधलापन आए, दर्द और बुखार हो
- सीने में दर्द, सिर दर्द , बुखार, खांसी
- सांस लेने में दिक्कत
- खून की उल्टियां होना
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
जिले में एक कोरोना संक्रमित मरीज में म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के लक्षण मिले हैं। एसआरएन अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने के बाद अलर्ट घोषित किया गया है। अन्य गंभीर मरीजों की आवश्यक जांचें कराई जा रही हैं। आईसीएमआर से जारी गाइड लाइन के बाद यहां कोरोना संक्रमितों और पोस्ट कोविड मरीजों (संक्रमणमुक्त) में ब्लैक फंगस का खतरा ज्यादा है। विशेषज्ञों के मुताबिक कमजोर इम्युनिटी और डायबिटीज मरीजों के लिए यह संक्रमण खतरनाक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नाक, आंख, दिमाग, फेफड़े और त्वचा पर असर
आईसीएमआर के विशेषज्ञों के मुताबिक म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) इंफेक्शन शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। यह नाक, आंख, दिमाग, फेफड़े और त्वचा पर भी हो सकता है। इस बीमारी से लोगों की आंखों की रोशनी तक चली जाती है। वहीं कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है।
विज्ञापन
कोरोना के मरीजों को ज्यादा खतरा
ब्लैक फंगस संक्रमण उन लोगों को तेजी से शिकार बनाता है जिनके शरीर के प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। कोरोना संक्रमितों या फिर कोविड संक्रमणमुक्त हो चुके मरीजों में इस संक्रमण का खतरा अधिक है। संक्रमण के दौरान उनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, ऐसे लोग आसानी से इस संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। खासतौर पर कोरोना संक्रमितों के जिन मरीजों को डायबिटीज है, उन्हें खतरा ज्यादा होता है। शुगर लेवल बढ़ जाने पर कोरोना संक्रमितोंमें म्योकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) खतरनाक रूप ले सकता है।
विज्ञापन