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UP Board : नकल रोकने के लिए यूपी बोर्ड में हो सकता एआई का प्रयोग, कंट्रोल रूम से होगी निगरानी

Thu, 10 Oct 2024 05:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 10 Oct 2024 05:41 PM IST
सार

हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग करते हुए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने परीक्षा से पहले 400 सॉल्वर पकड़े हैं। एसएससी ने उन सॉल्वरों का प्रवेश पत्र ही जारी नहीं किया था। इससे बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े पर रोक लगी।

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AI can be used in UP Board to stop cheating, monitoring will be done from the control room
यूपी बोर्ड - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस बार एआई का प्रयोग हो सकता है। इसको लेकर तैयारी चल रही है। एआई के जरिये कंट्रोल रूम से परीक्षा की निगरानी होगी और नकल करने वाले पकड़े जाएंगे।

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हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग करते हुए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने परीक्षा से पहले 400 सॉल्वर पकड़े हैं। एसएससी ने उन सॉल्वरों का प्रवेश पत्र ही जारी नहीं किया था। इससे बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े पर रोक लगी।
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ऐसे ही अन्य परीक्षाओं में एआई के प्रयोग को लेकर अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। यूपी बोर्ड ने भी नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए एआई के प्रयोग को लेकर काम शुरू कर दिया है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि एआई का प्रयोग किस तरह किया जाए, अभी इस पर बैठकों का दौर चल रहा है।
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उन्होंने कहा कि कोशिश है कि कंट्रोल रूम से एआई के जरिये प्रत्येक परीक्षा केंद्र की निगरानी हो। खासकर स्ट्रांग रूम पर विशेष निगरानी रहेगी। अगर कोई अनाधिकृत रूप से स्ट्रांग रूम खोलता है तो पता चल जाएगा।

उन्होंने कहा कि मानव की निगरानी के सापेक्ष एआई ज्यादा बेहतर विकल्प है। पिछले वर्ष यूपी बोर्ड मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से पूरी परीक्षा की निगरानी हुई थी। अब उसी में एआई का प्रयोग होने से व्यवस्था और अपग्रेड हो जाएगी।

तकनीक के खतरे भी हैं

एआई के प्रयोग से जहां एक ओर नकल और शिक्षा माफिया पर लगाम लगाने की तैयारी की जा रही है, वहीं इसके संभावित खतरे भी हैं। बोर्ड के अधिकारी तकनीकी रूप से अपग्रेड नहीं हैं। ऐसे में इस तकनीक का अगर दुरुपयोग हुआ तो परिणाम कुछ और भी हो सकते हैं। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्ष से यूपी बोर्ड की परीक्षा में एआई के प्रयोग को लेकर चर्चा हो रही है, लेकिन इसके दुष्परिणामों को देखते हुए इसे अब तक लागू नहीं किया गया है।

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