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मासूम बेटियों के हत्यारे की उम्रकैद बरकरार
Fri, 19 Apr 2019 01:10 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 19 Apr 2019 01:10 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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हाईकोर्ट ने अपनी ही दो मासूम बेटियों का बेरहमी से कत्ल करने के आरोपी अभियुक्त कन्नौज के हसीब उर्फ गुड्डू की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। कोर्ट ने सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि घटना के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई त्रुटि नहीं है। अभियुक्त उम्रकैद की सजा पाने का हकदार है। गुड्डू की जेल से दाखिल अपील पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार चतुर्थ की पीठ ने सुनवाई की।
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कन्नौज के तीरवान थाने में नौ जून 2012 को हसीब के भाई जमीबार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उस दिन सुबह सात बजे हसीब अपनी दो बेटियों खुशनुमा नौ वर्ष और सबापरवीन सात वर्ष को अपने साथ लेकर घर से निकला था। उसने बताया कि बेटियों को लेकर तीरवान बाजार जा रहा है। करीब तीन घंटे बाद हसीब अकेले लौटा और अपने खून से सने हाथ साफ करने लगा। पूछने पर बताया कि दोनों बेटियों की उसने बसुली से मारकर हत्या कर दी है और शव खेत में पड़े हैं। इसके बाद हसीब मौके से भाग गया।
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सूचना पर पुलिस ने मौके से शव बरामद किए। दोनों शवों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने हसीब को उसी दिन कुछ देर के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बसुली बरामद कर ली गई। वादी मुकदमा ने बताया था कि हसीब कन्नौज शहर में रह कर मजदूरी करता था तथा कभी कभार अपने गांव मोहल्ला हमालीपुरा आया करता था। वह अक्सर कहता था कि गरीबी के कारण बेटियों की शादी नहीं कर पाएगा और एक दिन दोनों को खत्म कर देगा।
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सेशनकोर्ट कन्नैाज 17 जून 2015 को मुकदमे पर फैसला सुनाते हुए हसीब को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उसने जेल से अपील दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने हसीब की अपील खारिज करते हुए सत्र न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा है।