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दावों के विपरीत अब भी एटीएम खाली

Fri, 20 Apr 2018 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 20 Apr 2018 02:08 AM IST
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Against the claims, the ATM is still empty
इलाहाबाद
सरकार का दावा है कि  80 फीसदी एटीएम में पैसा पहुंच गया है। इसके विपरीत हालात अब भी वैसे ही हैं। ज्यादातर एटीएम बृहस्पतिवार को भी खाली रहे और लोग भटकते रहे। इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस में प्रदर्शन किया और बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम की पूजा की। हालांकि, बैंकों की ओर से एक-दो दिन में हालात में सुधार के दावे किए जा रहे हैं।
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स्टैनली रोड पर एसबीआई और पीएनबी के एटीएम में कई दिनों से पैसा नहीं है। कलेक्ट्रेट के पास बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक समेत कई बैंकों के एटीएम हैं, लेकिन सभी खाली रहे। अल्लापुर में कुंदन गेस्ट हाउस के बैंक ऑफ इंडिया तथा एक अन्य बैंक का एटीएम हैं लेकिन कैश का कई दिनों से संकट है। सिविल लाइंस में एमजी मार्ग पर बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में भी कैश नहीं था। यह स्थिति पूरे जिले में है। यहां 600 से अधिक एटीएम हैं। बैंक अफसरों के अनुसार इनमें 450 एटीएम में कई दिनों से कैश नहीं है। शाखा परिसर के अलावा गिनती के ही एटीएम हैं, जहां पैसा मिला।
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एजेंसियों से हुई वार्ता
बैंक एटीएम में पैसा खुद नहीं भरते। शाखा परिसर को छोड़कर अन्य स्थानों के एटीएम में कैश रखने के लिए एजेंसी हायर की गई है। कमी की वजह से इन एजेंसियों को बैंकों के करेंसी चेस्ट से नगदी नहीं मिल पा रही। इसके अलावा एजेंसियों के स्तर पर जानबूझकर भी लापरवाही की बात कही जा रही है। एसबीआई और इलाहाबाद बैंक के अफसरों का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से शाखाओं में न्यूनतम कैश रखा जाता है। कैश करेंसी चेस्ट में मंगा लिया जाता है। इसके विपरीत एजेंसियां नजदीकी शाखा से कैश की मांग करती हैं। एटीएम खाली रहने की एक वजह यह भी है। बृहस्पतिवार को इस बाबत बैंक अफसरों और एजेंसी प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई है। अफसरों ने शुक्रवार से कुछ राहत के दावे किए।
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मनचाहा नोट नहीं मिलना भी है कारण
बैंक के अफसरों का कहना है कि जितना शोर है, उतना कैश का संकट नहीं है। नोटबंदी के बाद 2000 के ज्यादा नोट बाजार में आ गए। तकरीबन कुल राशि में 50 फीसदी नोट दो हजार के हैं। छोटे में ज्यादातर 10 के पुराने नोट चलन में आए हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सिक्के हैं। जबकि, लोगों में 50, 100 और 200 नोट की अधिक मांग है। इसके विपरीत उपलब्धता कम है। इसके अलावा रखने में आसानी की वजह से दो हजार के नोट डंप भी हो गए हैं। इसकी वजह से कैश का संकट खड़ा हो गया है।

‘नगदी का बहुत संकट नहीं है। शाखा परिसर स्थित एटीएम में कैश हमेशा रहता है। इसके अलावा बैंक शाखाओं में भी लेनदेन सामान्य है। हां, मांग के अनुरूप छोटे नोट की कुछ कमी है। एक-दो दिन में यह संकट भी दूर हो जाएगा। आरबीआई से वार्ता हुई है। जल्द ही कैश आने वाला है। इसके बाद जिले के ज्यादातर एटीएम में कैश होगा।’

हरिमोहन, डीजीएम-इलाहाबाद बैंक

‘नगदी की कमी जल्द दूर होगी। हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। डीएम ने भी आरबीआई के अफसरों से वार्ता की है। आरबीआई ने कैश उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। एक-दो दिनाें में एटीएम से कैश मिलने लगेगा।’
रामजी, अग्रणी बैंक प्रबंधक
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