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यूपी : गैंगस्टर एक्ट हटाए जाने के मामले में अफजाल अंसारी ने ली हाईकोर्ट की शरण
Fri, 02 Sep 2022 12:16 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 02 Sep 2022 12:16 AM IST
सार
अधिवक्ता ने बताया कि सांसद ने निचली अदालत में भी अपने खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में दर्ज प्राथमिकी में आरोप मुक्त करने के लिए गुहार लगाई थी लेकिन निचली अदालत ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया और सुनवाई के लिए तिथि तय कर पेश होने के लिए कहा है।
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बसपा के सांसद अफजाल अंसारी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कृष्णानंद राय हत्याकांड में आपराधिक षडयंत्र के आरोप में गैंगस्टर के आरोपी बनाए गए गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने अपने खिलाफ चलाए जा रहे ट्रायल को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। अफजाल का कहना है कि कृष्णानंद राय हत्याकांड में वह बरी हो चुके हैं। लिहाजा, इस मामले में ट्रायल चलाने का कोई आधार बनता ही नहीं। सांसद के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में याचिका दाखिल कर दी गई है। अब कोर्ट इस मामले को सूचीबद्ध कर सुनवाई करेगी।
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अधिवक्ता ने बताया कि सांसद ने निचली अदालत में भी अपने खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में दर्ज प्राथमिकी में आरोप मुक्त करने के लिए गुहार लगाई थी लेकिन निचली अदालत ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया और सुनवाई के लिए तिथि तय कर पेश होने के लिए कहा है। जबकि, वह इस मामले में बरी हो चुके हैं और उनके खिलाफ केस चलाने का कोई आधार नहीं बनता है।
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कृष्णानंद राय की 2005 में हुई हत्या के बाद मुख्तार अंसारी के साथ आपराधिक षडयंत्र में अफजाल अंसारी पर भी 2007 में गैंगस्टर की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। 2019 में कृष्णानंद हत्याकांड के मामले में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। इस पर उन्होंने गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मामले में आरोप से बरी होने के लिए निचली अदालत में अर्जी दाखिल की लेकिन निचली अदालत ने उस अर्जी को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।
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