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दो साल बाद कलाकारों के लिए खुले आकाशवाणी प्रयागराज के दरवाजे

Thu, 26 Aug 2021 05:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 26 Aug 2021 05:26 PM IST
सार

आकाशवाणी इलाहाबाद से जुड़े संगीत, साहित्य, कला और नाट्य विधा से जुड़े कलाकारों के लिए खुशखबरी है। प्रसार भारती की अनुमति के बाद इस केंद्र से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की रिकार्डिंग का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

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After two years, the doors of Akashvani Prayagraj opened for the artists
akashwani demo

विस्तार

दो साल के लंबे इंतजार के बाद आकाशवाणी के इलाहाबाद केंद्र के दरवाजे कलाकारों के लिए खुल गए हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद हालात सामान्य होने पर प्रसार भारती ने रिकार्डिंग की अनुमति दे दी है। इससे घर बैठे कलाकारों को काम मिलने की उम्मीद जग गई है। प्रसार भारती ने इस केंद्र से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों को तैयार कराने के लिए 65 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत किया है। इसी के साथ आकाशवाणी एक बार फिर गुलजार हो गई है। कोरोना संक्रमण की वजह से मार्च 2020 में इस केंद्र से रिकार्डिंग ठप थी।
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आकाशवाणी इलाहाबाद से जुड़े संगीत, साहित्य, कला और नाट्य विधा से जुड़े कलाकारों के लिए खुशखबरी है। प्रसार भारती की अनुमति के बाद इस केंद्र से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की रिकार्डिंग का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अभी तक न बजट था और ना ही नए कार्यक्रमों को रिकार्ड करने की अनुमति। इस वजह से गतिविधियां ठप थीं। अलबत्ता केंद्र से पुराने कार्यक्रमों को रिपीट किया जा रहा था। केंद्र निदेशक लोकेश कुमार शुक्ल की पहल पर अब बजट जारी होने के साथ ही न कार्यक्रमों की रिकार्डिंग के लिए अनुमति मिल गई है।
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फिलहाल अभी वार्ता, काव्यपाठ और परिचर्चा जैसे कार्यक्रमों की ही रिकार्डिंग हो पा रही है। इससे अभी लोक संगीत, सुगम संगीत, शास्त्रीय संगीत के अलावा नाटक और नौटंकी जैसे कार्यक्रमों की रिकार्डिंग की शुरुआत नहीं हो सकी है। पांडवानी गायिका मंजू नारायण आकाशवाणी खुलने से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि इससे घर बैठे सैकड़ों कलाकारों के समक्ष छाया आर्थिक संकट दूर होगा। नए कलाकारों को भी काम मिलने की उम्मीद पदा हो गई है। इसी तरह लोक गायक उदय चंद्र परदेशी ने भी प्रसार भारती के निर्णय को सराहा है। उन्होंने कहा कि लोक कला, संगीत के संवर्धन की दिशा में कोरोना संक्रमण की वजह से आया ठहराव दूर होने से बहुत खुशी हो रही है। इससे कलाकारों की रोजी रोटी का भी संकट दूर होगा।
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आकाशवाणी से रिकार्डिंग शुरू हो गई है। कोशिश की जा रही है कि जल्द ही सबकुछ पटरी पर आ जाए। अभी वार्ता और परिचर्चा कराई जा रही है। स्टूडियो दुरुस्त होते ही अन्य कार्यक्रमों की भी रिकार्डिंग आरंभ हो जाएगी। लोकेश कुमार शुक्ल, केंद्र निदेशक।


बिजली गिरने से स्टूडियो की मशीनें जलकर नष्ट, लाखों का नुकसान
आकाशवाणी इलाहाबाद केंद्र की स्टूडियो की मशीने जलकर नष्ट हो गई हैं। ड्रामा स्टूडियो और म्यूजिक स्टूडियो की मशीनें हाल में केंद्र पर बिजली गिरने की वजह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे ड्रामा और संगीत से जुड़ी गतिविधियों पर असर पड़ गया है। फिलहाल इससे आकाशवाणी को 13 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल अभियंता इसकी मरम्मत कराने में जुटे हैं, ताकि गतिविधियां शुरू कराई जा सकें।
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