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पैंतीस साल बाद दादी इंदिरा की विरासत को फिर से संजोने आ रहीं प्रियंका 

Wed, 08 May 2019 11:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 08 May 2019 11:36 PM IST
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After thirty-five years, Priyanka came back to regain her grandmother Indira's legacy.
priyanka gandhi

आयरन लेडी के नाम से जानी जाने वाली पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने प्रतापगढ़ में कांग्रेस पार्टी को मजबूत नींव प्रदान की थी। लोकसभा चुनाव के दौरान जब-जब पार्टी के  सियासी समीकरण बिगड़ते दिखे, तब- तब इंदिरा ने चुनावी जनसभा कर उसे संभालने की कोशिश की। जिले में 1967 से 1984 के  मध्य तीन बार लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी जनसभा कर उन्होंने विपक्षियों करारी मात दी थी।

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अब करीब 35 साल बाद एक बार फिर दादी इंदिरा की उसी विरासत को संजोने प्रियंका गांधी गुरुवार को बेल्हा की सरजमी पर आ रही हैं। उनकी चुनावी जनसभा से सियासी हलचल तेज हो गई है। 1962 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कद्दावर नेता पं. मुनीश्वदत्त उपाध्याय को जनसंघ के प्रत्याशी राजा अजीत प्रताप सिंह के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
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1967 के लोकसभा चुनाव में जनसंघ सहित कई पार्टियों ने एकजुट होकर एसएसपी पार्टी का गठन प्रत्याशी बी सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था। इस चुनाव में कांग्रेस का जनाधार खिसकने का डर था। तब जिले में पहली बार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जनसभा हुई थी। उन्होंने राजा दिनेश सिंह के पक्ष में कुंडा में जनसभा की थी। इसके बाद इस चुनाव में राजा दिनेश सिंह ने बड़ी जीत दर्ज की थी।
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राजनीतिक विशलेषक ओमप्रकाश पांडेय बताते हैं कि मतभेद के चलते 1969 में कांग्रेस पार्टी दो धड़ों में बंट गई। इंदिरा कांग्रेस व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस। सन् 1971 के लोकसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, जनसंघ सहित सभी छोटे दलों ने एकजुट होकर संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी बनाईं। जिले में इंदिरा कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी राजा दिनेश सिंह के सामने संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस के बागी नेता पं. मुनीश्वरदत्त उपाध्याय थे। दोनों के बीच कांटे की टक्कर थी। चुनाव से ऐन पहले शहर के जीजीआईसी मैदान में इंदिरा गांधी ने जनसभा कर गरीबी दूर करने का नारा दिया था।

इस चुनाव में भी इंदिरा का जादू चला और राजा दिनेश सिंह ने जीत दर्ज की। 1977 के लोकसभा चुनाव में इंदिरा की जनसभा नहीं हुईं। इस चुनाव में बीएलडी प्रत्याशी रूपनाथ सिंह यादव के हाथों कांग्रेस प्रत्याशी राजा दिनेश सिंह को हार मिली। 1984 के लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी ने एक बार फिर रामलीला मैदान में चुनावी जनसभा कर राजा दिनेश सिंह की जीत का रास्ता बनाया।

अब करीब 35 साल बाद दादी इंदिरा की विरासत को संजाने के लिए बेल्हा में प्रियंका गंाधी को चुनाव प्रचार में लाया जा रहा है। जनसभा कर प्रियंका विपक्षियों पर वार और पलटवार करेंगी। सभी वर्ग के मतदाताओं को रिझाने का प्रयास करेंगी। 



स्न 2000 में आई थीं सोनिया गांधी
लोकसभा चुनाव के दौरान सन 2000 में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का बेल्हा में पहली बार आगमन हुआ था। शहर के जीआईसी मैदान में उन्होंने चुनावी जनसभा की थी। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह ने जीत दर्ज किया था।

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