प्रयागराज : जब मंच से लगा अतीक अहमद जिंदाबाद का नारा, समारोह में मच गया था हड़कंप
माफिया अतीक अहमद की हत्या के बाद से अतीक से जु़ड़े कई किस्से फिर फिजां में है। इसमें नगर निगम से जुड़ा किस्सा भी शामिल है। वर्ष 2012 में पार्षद चुनाव के बाद एक पार्षद ने नगर निगम परिसर में शपथ लेने के बाद मंच से ही अतीक अहमद जिंदाबाद का नारा लगाना शुरू किया।
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माफिया अतीक अहमद की हत्या के बाद से अतीक से जु़ड़े कई किस्से फिर फिजां में है। इसमें नगर निगम से जुड़ा किस्सा भी शामिल है। वर्ष 2012 में पार्षद चुनाव के बाद एक पार्षद ने नगर निगम परिसर में शपथ लेने के बाद मंच से ही अतीक अहमद जिंदाबाद का नारा लगाना शुरू किया। अचानक से माफिया के जिंदाबाद का नारा सुनकर भौचक रह गया।
नगर निकाय चुनाव 2012 के बाद पहली बाहर महापौर के रूप में अभिलाषा गुप्ता नंदी चुनकर मिनी सदन पहुंचीं थीं। इस दौरान 80 वार्डों से पार्षद भी चुनकर पहुंचे थे। सभी के शपथ ग्रहण के लिए नगर निगम परिसर स्थित पार्क में मंच बनाया गया था। पहले महापौर को शपथ दिलाई गई, फिर एक-एक करके पार्षदों को मंच पर बुलाकर शपथ दिलाई जाने लगी।
इसी बीच मिहनाजपुर वार्ड से बतौर पार्षद जीतकर आए निजामुद्दीन को भी शपथ दिलाने के लिए मंच पर बुलाया गया। मंच पर शपथ लेने के बाद उन्होंने अतीक अहमद जिंदाबाद का नारा लगाना शुरू किया। इससे नगर निगम परिसर में हड़कंप मच गया, लोग हैरान रह गए। कई लोगों की ओर से नारेबाजी के विरोध पर हंगामा शुरू हो गया।
हंगामा बढ़ता देख पार्षद अतहर रजा लाडले, अकीलुर्रहमान समेत अन्य पार्षदों ने मंच पर पहुंच कर निजामुद्दीन को शांत और निगम परिसर में हो रहे हंगामे को खत्म कराया। इसके बाद इस बात को लेकर शहर में कई दिनों तक चर्चा होती रही कि किस प्रकार एक नव निर्वाचित पार्षद ने माफिया अतीक अहमद के जिंदाबाद के नारे लगाए। नगर निगम परिसर में आज भी लोग इस घटना को याद करते हैं।