हत्यारों के सिर पर सवार था खून : सिर पर वार के बाद तकिए से दबा दिया मुंह, कान से बालियां भी नोंचीं
मृतका के पति मनीराम ने बताया कि फरवरी में ही बड़े बेटे की शादी हुई थी। उन्होंने बताया कि वह 2015 में शहर आकर दुकान संचालित करने लगे थे। जबकि उनकी पत्नी व बेटे 2017 में यहां आए। इससे पहले वह कानपुर के बिल्हौर में ही रहते थे। बताया कि पत्नी मूल रूप से फर्रुखाबाद की रहने वाली थीं।
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करेली में महिला की हत्या करने वाले बदमाशों के सिर पर खून सवार था। सिर पर वार करने के बाद उन्होंने उसका मुंह तकिए से दबा दिया। कान से बालियां नोंचीं और गले से चेन भी खींच ली। बेटा घर पहुंचा तो मां के शव से कुछ दूर पर जमीन पर खून से लथपथ तकिया पड़ा मिला। मृतका के कान व गले भी जख्म के निशान मिले।
जिस कमरे में हत्या हुई, उसमें रखा पूरा सामान बिखरा हुआ था। यह बेटे सचिन का कमरा था जबकि माता-पिता पीछे के कमरे में रहते थे। बहू के जाने के बाद दिन में सुभद्रा इसी कमरे में आराम करती थीं। बेटे सचिन ने बताया कि इसी कमरे में एक बैग में नकदी व उसकी पत्नी के गहने रखे थे। जिस आलमारी में नकदी भरा बैग व गहने रखे थे, हत्यारों ने उसे भी तोड़ दिया था।
नकदी के बारे में उसने बताया कि स्टेशनरी की दुकान चलाने के साथ-साथ वह ए-4 पेपर का भी व्यापार करता है। कई बड़ी दुकानों पर वह पेपर की सप्लाई करता है। घर में रखी रकम में से कुछ उसकी शादी के जबकि शेष व्यापार से संबंधित थे। उसने बताया कि छोटा भाई योगेश सेना भर्ती की तैयारी कर रहा है। दुकान आदि के चक्कर में उसे समय नहीं मिल पा रहा था, इसी वजह से वह फिजिकल की तैयारी करने कुछ दिन पहले ही गांव चला गया था।
फरवरी में हुई थी शादी
मृतका के पति मनीराम ने बताया कि फरवरी में ही बड़े बेटे की शादी हुई थी। उन्होंने बताया कि वह 2015 में शहर आकर दुकान संचालित करने लगे थे। जबकि उनकी पत्नी व बेटे 2017 में यहां आए। इससे पहले वह कानपुर के बिल्हौर में ही रहते थे। बताया कि पत्नी मूल रूप से फर्रुखाबाद की रहने वाली थीं।
हत्या में प्रयुक्त सामान साथ ले गए हत्यारे?
मृतका के सिर में बांईं ओर गहरे जख्म का निशान मिला है। आशंका है कि किसी ठोस चीज से उनके सिर पर वार किया गया। पुलिस के मुताबिक यह ईंट या कोई घरेलू सामान जैसे सिल-बट्टा आदि हो सकता है। हालांकि जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को मौके से कोई ऐसी चीज नहीं मिली। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि हत्या में प्रयुक्त सामान हत्यारे साथ ले गए।
नकदी-गहने लूटे पर मोबाइल छोड़ गए
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गहने-नकदी लूटने वाले हत्यारों ने मृतका के मोबाइल को हाथ तक नहीं लगाया। घटना के बाद मोबाइल शव के पास ही कमरे में पड़ा मिला। फोरेंसिक टीम ने मोबाइल को कब्जे में लेने के साथ ही मौके से फिंगर प्रिंट के नमूने भी एकत्र किए हैं।
घूम-घूमकर करते रहे रेकी
मृतका के पति ने बताया कि चंदा मांगने वाले दोनों युवक पैंट शर्ट पहने हुए थे। वह भगवान शिव की फोटो लिए हुए थे और गले में भगवा गमछा भी डाले हुए थे। बोलचाल से वह आसपास के नहीं लग रहे थे। हालांकि पिछले दो तीन दिनों से वह मोहल्ले में घूम-घूमकर चंदा मांग रहे थे। पुलिस को आशंका है कि हो सकता है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले घूम-घूमकर रेकी की हो। ऐसा घर तलाशने की कोशिश की हो जहां महिलाएं अकेले हों। जब उन्होंने अच्छी तरह से जानकारी हासिल की तो मनीराम के घर को निशाना बनाया।
दिनदहाड़े वारदात, मोहल्ले वाले स्तब्ध
घटनाक्रम से साफ है कि वारदात दिनदहाड़े अंजाम दी गई। बेटा दोपहर 12:30 बजे घर से दुकान चला गया था।शाम छह बजे के करीब वह घर आया। वारदात इसी बीच अंजाम दी गई। उधर इस घटना की जानकारी मिली तो आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। घनी बस्ती में दिनदहाड़े इस तरह की वारदात से कुछ लोग खौफजदा भी दिखे।
हत्यारों की तलाश के लिए पांच टीमें बनाईं
एसीपी पुष्कर वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की गई। हत्यारों की पहचान व उनकी गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस व एसओजी की पांच टीमें लगाई गई हैं। हर एंगल पर जांच पड़ताल की जा रही है।