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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   After nine years, preparations are on to bring the light metro project to life, NOC has not been received yet

Prayagraj : नाै वर्ष बाद लाइट मेट्रो परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी, अभी तक नहीं मिली है एनओसी

Fri, 13 Jun 2025 05:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 13 Jun 2025 05:36 PM IST
सार

44 किमी. में मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण दो चरणों में किया जाना है। पहले चरण में बमरौली से झूंसी सिटी लेक फाॅरेस्ट तक करीब 23 किमी. में 21 स्टेशन और दूसरे चरण में शांतिपुरम से छिवकी तक 21 किमी. में 10 स्टेशन बनाए जाने हैं।

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After nine years, preparations are on to bring the light metro project to life, NOC has not been received yet
प्रयागराज लाइट मेट्रो प्रोजेक्ट। सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

संगमनगरी की महत्वाकांक्षी लाइट मेट्रो परियोजना एकबार फिर आगे बढ़ने की आस जगी है। इस संबंध में शुक्रवार को पीडीए, सेना के अफसरों, मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड और सिविल अर्बन इंजीनियरिंग एवं सस्टेनेबिलिटी की संयुक्त बैठक होनी है। इसमें मेट्रो कॉरिडोर संरेखण एवं डिपो मैप स्टेशन के लिए रक्षा विभाग की भूमि पर चर्चा की जाएगी। साथ ही अफसरों की ओर से स्थलीय निरीक्षण किया जाना है।

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संगम नगरी के लिए अहम मानी जाने वाली लाइट मेट्रो रेल परियोजना की शुरुआत वर्ष-2016 में हुई थी, लेकिन नाै साल बाद भी यह कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। स्थिति यह है कि सेना से अनापत्ति के इंतजार में अब तक डीपीआर भी फाइनल नहीं हो सका है, जबकि इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों की 35 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। सेना से अनापत्ति और स्थलीय निरीक्षण के लिए अधिकारियों की 18 मार्च 2025 को प्रस्तावित बैठक स्थगित हो चुकी है। अब शुक्रवार को एकबार फिर से परियोजना से जुड़े विभागाें और अधिकारियों की बैठक होनी है।

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करीब 40 हेक्टेयर भूमि की जाएगी चिह्नित

44 किमी. में मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण दो चरणों में किया जाना है। पहले चरण में बमरौली से झूंसी सिटी लेक फाॅरेस्ट तक करीब 23 किमी. में 21 स्टेशन और दूसरे चरण में शांतिपुरम से छिवकी तक 21 किमी. में 10 स्टेशन बनाए जाने हैं। करीब 40 हेक्टेयर भूमि खासतौर पर कॉरिडोर, संरेखण स्टेशन एवं डिपो के लिए चिह्नित की जानी है। इसके लिए रक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाना जरूरी है।

मेट्रो कॉरिडोर संरेखण एवं डिपो मैप स्टेशन रक्षा विभाग की भूमि में बनाया जाना है। इससे पहले 18 मार्च को कतिपय कारणों से बैठक नहीं हो सकी थी। अब शुक्रवार को बैठक और संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के विशेषज्ञ उपक्रम मेसर्स राइट्स लिमिटेड द्वारा डीपीआर तैयार कराया गया है। रक्षा मंत्रालय की सहमति के बाद ही डीपीआर शासन को भेजा जाएगा। - डा. अमित पाल शर्मा, उपाध्यक्ष प्रयागराज विकास प्राधिकरण

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