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प्रयागराज में नौ साल बाद फिर पूरे शहर का जीआईएस सर्वे

Fri, 05 Jul 2019 12:18 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2019 12:18 AM IST
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After nine years in Prayagraj, GIS survey of the whole city
नौ साल बाद फिर से पूरे शहर का जीआईएस सर्वे
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नगर निगम इसी माह से शुरू करेगा काम, बढ़ेगा हाउसटैक्स वाले भवनों का दायरा
हिमांशु पांडेय
प्रयागराज। करीब नौ साल बाद नगर निगम एक बार फिर पूरे शहर का जीआईएस (ज्योग्राफिकल इंफॉमेशन सिस्टम) सर्वे कराने जा रहा है। इसके जरिए अभी तक हाउसटैक्स से बाहर रहे भवनों के साथ ही उन भवनों के बारे में भी पता लगाया जाएगा जहां, अतिरिक्त निर्माण करा लिए गए हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक जुलाई के दूसरे सप्ताह से यह कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
नगर निगम ने इसके पहले वर्ष 2010 में यह सर्वे कराया था। उस दौरान सर्वे करने वाली कंपनी ने कई गड़बड़ियां कीं, जिस वजह से विवाद भी पैदा हुआ लेकिन, उसके बाद हाउसटैक्स देने वाले भवनों की संख्या 1.75 लाख से बढ़कर करीब 2.15 लाख हो गई। नगर निगम अधिकारियों का कहना है अब नौ वर्ष बाद अधिकांश जगहों पर नए घर बन चुके हैं। नई कॉलोनियां भी बनाई गईं हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मकान में अतिरिक्त निर्माण भी कराए। जीआईएस सर्वे के जरिए इसका पता लगाया जाएगा। किस एरिया में कितना निर्माण हुआ, वह इस सर्वे के जरिए मालूम चलेगा। निगम प्रशासन ने इसकी कवायद शुरू कर दी है हालांकि इस बार यह सरकार के निर्देश पर कराया जा रहा है। गाजियाबाद की जियो इंफोटेक को काम का जिम्मा सौंपा गया है। एक साल के भीतर उसे सर्वे पूरा करके रिपोर्ट निगम प्रशासन को देनी होगी। उसमें वार्ड बाउंड्री, जोन बाउंड्री समेत पूरे शहर का भौगोलिक नक्शा भी शामिल रहेगा। सर्वे के बाद निगम के मौजूदा डेटा से उसे मैच कराया जाएगा। कंपनी को पांच साल तक डेटा का रखरखाव भी करना होगा। इस पूरे काम के लिए उसे करीब 1.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नगर निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि नए सर्वे से करीब 50 हजार अमूल्याकिंत भवन सामने आएंगे।
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जद में आएंगे अधिकांश भवन स्वामी
प्रयागराज। पिछली बार जीआईएस सर्वे के बाद करीब अस्सी फीसदी लोगों को अधिक टैक्स चुकाना पड़ा था। इसके आसार हैं कि इस बार भी सर्वे में बड़ी संख्या में अमूल्यांकित भवन सामने आएंगे। कालिंदीपुरम, नीमसराय, पीपलगांव, बेनीगंज, धूमनगंज, शिवकुटी कछार, सलोरी आदि मोहल्लों में नई कॉलोनियां बसीं लेकिन निगमकर्मियों की लापरवाही के चलते इनका मूल्यांकन नहीं कराया गया। इसके अलावा पिछले नौ साल के दौरान तमाम लोगों ने अपने घरों में नए निर्माण भी करा लिए। भवनों के कारपेट एरिया बढ़ने से टैक्स का बढ़ना तय है। अब सरकार इसमें कोई ढिलाई देने के मूड में नहीं है।
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टैक्स बढ़ाने की कवायद में निगम प्रशासन
प्रयागराज। जीआईएस सर्वे के साथ ही निगम प्रशासन ने हाउसटैक्स की दरों में भी भारी-भरकम बढ़ोत्तरी प्रस्तावित की है। यह दरें भी जुलाई के आखिरी तक अंतिम तौर पर तय कर दी जाएंगी। प्रस्तावित दरों के मुताबिक किराया दरें बढ़ीं तो हाउसटैक्स में अगले वर्ष से कई गुना की बढ़ोत्तरी होना तय है।
वर्जन
जीआईएस के लिए तैयारी कर ली गई है। प्रशिक्षण अवधि के बाद जुलाई के करीब दूसरे सप्ताह से यह काम शुरू करा दिया जाएगा।
पीके मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम
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