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हत्या करने के बाद आरोपी भाग गया केरल, तीन साल बाद लौटा तो पुलिस ने दबोचा
Sat, 05 Jun 2021 09:05 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 05 Jun 2021 09:05 PM IST
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arrest
- फोटो : istock
करेली थाने की पुलिस ने धूमनगंज में हुई हत्या के मामले में तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। वारदात को अंजाम देने के बाद वह केरल भाग गया था। लॉकडाउन में काम-धंधा बंद होने पर वह वापस आया और छिपकर रहने लगा। इसी दौरान भनक लग गई और पुलिस ने उसे दबोच लिया।
करछना निवासी पप्पू निषाद धूमनगंज के तारापुर गांव में अपने साथियों के साथ बालू खनन का काम करता था। 2018 में हुए विवाद के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई जिसमें बलिया निवासी उसका साथी साधु चौधरी साथियों समेत नामजद हुआ। हालांकि वारदात के बाद सभी फरार हो गए। मामले के चार आरोपी कुछ महीनों बाद जेल भेज दिए गए लेकिन साधु पकड़ में नहीं आ सका। पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही। इसी दौरान मृतक के परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर विवेचना स्थानांतरित करने की मांग की। जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर धूमनगंज से मामले की विवेचना करेली पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई।
लंबे समय तक मामला ठंडे बस्ते में रहा लेकिन प्रभार मिलने के बाद एसओ बृजेश सिंह ने नए सिरे से आरोपी की तलाश शुरू की। सर्विलांस व मुखबिरों के जरिए उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए। आखिरकार शनिवार को आरोपी पुलिस के चंगुल में आ गय और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। करेली पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात के बाद वह केरल चला गया था और वहीं रहकर काम करने लगा। लॉकडाउन के चलते कुछ समय पहले वह वापस आया और छिपकर रहने लगा।
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करछना निवासी पप्पू निषाद धूमनगंज के तारापुर गांव में अपने साथियों के साथ बालू खनन का काम करता था। 2018 में हुए विवाद के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई जिसमें बलिया निवासी उसका साथी साधु चौधरी साथियों समेत नामजद हुआ। हालांकि वारदात के बाद सभी फरार हो गए। मामले के चार आरोपी कुछ महीनों बाद जेल भेज दिए गए लेकिन साधु पकड़ में नहीं आ सका। पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही। इसी दौरान मृतक के परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर विवेचना स्थानांतरित करने की मांग की। जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर धूमनगंज से मामले की विवेचना करेली पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई।
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लंबे समय तक मामला ठंडे बस्ते में रहा लेकिन प्रभार मिलने के बाद एसओ बृजेश सिंह ने नए सिरे से आरोपी की तलाश शुरू की। सर्विलांस व मुखबिरों के जरिए उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए। आखिरकार शनिवार को आरोपी पुलिस के चंगुल में आ गय और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। करेली पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात के बाद वह केरल चला गया था और वहीं रहकर काम करने लगा। लॉकडाउन के चलते कुछ समय पहले वह वापस आया और छिपकर रहने लगा।
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