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केशव के बाद केशरी ने नेहरू की कर्मभूमि पर लहराया भगवा
Thu, 23 May 2019 07:41 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 23 May 2019 07:41 PM IST
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keshari devi
- फोटो : प्रयागराज
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प्रयागराज की संसदीय सीट इलाहाबाद और फूलपुर में यह पहला मौका रहा जब किसी राष्ट्रीय दल ने दोनों ही सीटों पर महिला प्रत्याशी को टिकट दिया और दोनों ने ही विजय हासिल कर ली। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के अलावा विजय लक्ष्मी पंडित, विश्वनाथ प्रताप सिंह, कमला बहुगुणा की राजनीतिक जमीन फूलपर में पहली बार वर्ष 2014 में केशव प्रसाद मौर्य ने कमल खिलाया था। इसके बाद अब केशरी देवी पटेल ने इस संसदीय सीट से जीत हासिल की है। इस सीट पर कमल खिलाने के साथ केशरी ने न सिर्फ पार्टी के लिए भविष्य की राह आसान कर दी बल्कि, पिछले उपचुनाव में महागठबंधन प्रत्याशी से मिली हार का हिसाब भी बराबर कर दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष का चार बार दायित्व संभाल चुकीं 62 वर्षीय केशरी देवी पटेल को भाजपा ने इस बार फूलपुर से अपना प्रत्याशी बनाया। वह वर्ष 2004 में भी फूलपुर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। 2014 में बसपा के टिकट पर ही उन्होंने इलाहाबाद सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा। उनके पुत्र दीपक पटेल करछना से विधायक रह चुके हैं। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से एमए पास केशरी देवी पटेल के राजनीतिक करियर की शुरूआत वर्ष 1996 में भाजपा से ही हुई। तब जिला पंचायत सदस्य के रूप में वे निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद 1996 में जिला पंचायत की उपाध्यक्ष बनीं।
1998 में पहली बार भाजपा में रहते हुए वे जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर निर्वाचित हुईं। वर्ष 2000 में वे एक बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। बसपा में रहते हुए वर्ष 2007 एवं 2011 में भी वे जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। फूलपुर में 3.50 लाख पटेल मतदाताओं की वजह से उन्हें पार्टी ने उम्मीदवार बनाया। हालांकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी उनके लिए पैरवी की थी। केशरी देवी वर्ष 2007 में बसपा सरकार में महिला कल्याण निगम की उपाध्यक्ष और निदेशक के रूप में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद डिप्टी सीएम केशव की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी। पिछले वर्ष हुए उपचुनाव में भी उन्हें भाजपा के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा था।
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जिला पंचायत अध्यक्ष का चार बार दायित्व संभाल चुकीं 62 वर्षीय केशरी देवी पटेल को भाजपा ने इस बार फूलपुर से अपना प्रत्याशी बनाया। वह वर्ष 2004 में भी फूलपुर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। 2014 में बसपा के टिकट पर ही उन्होंने इलाहाबाद सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा। उनके पुत्र दीपक पटेल करछना से विधायक रह चुके हैं। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से एमए पास केशरी देवी पटेल के राजनीतिक करियर की शुरूआत वर्ष 1996 में भाजपा से ही हुई। तब जिला पंचायत सदस्य के रूप में वे निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद 1996 में जिला पंचायत की उपाध्यक्ष बनीं।
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1998 में पहली बार भाजपा में रहते हुए वे जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर निर्वाचित हुईं। वर्ष 2000 में वे एक बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। बसपा में रहते हुए वर्ष 2007 एवं 2011 में भी वे जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। फूलपुर में 3.50 लाख पटेल मतदाताओं की वजह से उन्हें पार्टी ने उम्मीदवार बनाया। हालांकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी उनके लिए पैरवी की थी। केशरी देवी वर्ष 2007 में बसपा सरकार में महिला कल्याण निगम की उपाध्यक्ष और निदेशक के रूप में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद डिप्टी सीएम केशव की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी। पिछले वर्ष हुए उपचुनाव में भी उन्हें भाजपा के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा था।
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