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SRN Hospital : तोड़फोड़ के बाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीज दूसरे वार्डों में किए गए शिफ्ट

Tue, 30 Aug 2022 12:56 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 30 Aug 2022 12:56 AM IST
सार

मारपीट, बवाल और तोड़फोड़ के बाद ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने कार्य बाहिष्कार शुरू कर दिया। अफरा तफरी केबीच ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीजों के उपचार का संकट खड़ा हो गया। उस समय प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय में थे।

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After demolition patients admitted in trauma center shifted to other wards
Prayagraj News : स्वरूपरानी नेहरू हास्पिटल में मारपीट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में डॉक्टर और प्रशिक्षु डिप्लोमा एंड लैब टेक्नीशियन के बीच मारपीट, तोड़फोड़ की घटना के बाद ट्रामा सेंटर के मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट करा दिया गया है। तोड़फोड़ कर ट्रामा सेंटर को नुकसान पहुंचाए जाने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच कमेटी मारपीट करने और ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाने वाले प्रशिक्षु लैब टेक्नीशियनों को चिह्नित करेगी। इस बीच निलंबन की एकतरफा कार्रवाई से नाराज प्रशिक्षु लैब टेक्नीशियन मंगलवार को कार्य बहिष्कार पर जा सकते हैं।

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मारपीट, बवाल और तोड़फोड़ के बाद ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने कार्य बाहिष्कार शुरू कर दिया। अफरा तफरी केबीच ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीजों के उपचार का संकट खड़ा हो गया। उस समय प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय में थे। ट्रामा सेंटर में मारपीट की जानकारी मिलते ही वह तत्काल मौके पर पहुंचे। वहां उनके हस्तक्षेप पर ट्रामा सेंटर में मरीजों को भर्ती किया जाने लगा।

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समझाने -बुझाने के बाद ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने काम शुरू कर दिया। उधर, इस मामले की जांच के लिए प्राचार्य एसपी सिंह ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर हफ्ते भर के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस जांच कमेटी में वाइस प्रिंसिपल वीके पांडेय के अलावा एसआईसी डॉ. अजय सक्सेना और मइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी समेत पांच चिकित्सक शामिल हैं।


यह जांच कमेटी ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार लोगों को चिह्नित करेगी, ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। उधर, ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ के बाद वहां भर्ती मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट करा दिया गया है। विवाद की वजह ईएमओ डॉ सोनू सिंह और लैब असिस्टेंट के बीच एक जांच रिपोर्ट को लेकर तू-तू मैं-मैं से शुरू हुई।

इस घटना केबाद समझौता तो हो गया है, लेकिन 100 डिप्लोमा एंड लैब टेक्नीशियनों के महीने भर के निलंबन कार्रवाई से उनमें आक्रोश है। इस कार्रवाई को प्रशिक्षु लैब टेक्नीशियन एक तरफा बता रहे हैं। इसे लेकर वह मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि प्रशिक्षु लैब टेक्नीशियनों की ओर से देर रात तक किसी तरह के कार्य बहिष्कार की अधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।


एडीएम सिटी पहुंचे ट्रामा सेंटर, बवाल की ली जानकारी
ईएमओ और प्रशिक्षु लैब टेक्नीशियन के बीच मारपीट और ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ की घटना के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया। जानकारी मिलने के बाद एडीएम सिटी भी ट्रमा सेंटर पहुंच गए। सीओ भी फोर्स के साथ पहुंचे। अफसरों ने प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और एसआईसी अजय सक्सेना से घटना की जानकारी ली। किसी भी तरफ से एफआईआर न कराए जाने की वजह से पुलिस इस मामले में आगे नहीं बढ़ सकी।

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