हाईकोर्ट : कानपुर बार एसोसिएशन के समर्थन में उतरे हाईकोर्ट के अधिवक्ता, क्रमिक अनशन किया
क्रमिक अनशन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए संजीव सिंह ने कहा कि न्यायिक अफसर को बचाने के लिए सारे कायदे नियम ताक पर रखे जा रहे हैं। न्यायिक बहिष्कार का समर्थन ऑल इंडिया लाॅयर्स यूनियन हाईकोर्ट इकाई ने भी किया है।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने कानपुर बार एसोसिएशन के न्यायिक कार्य बहिष्कार का समर्थन करते हुए क्रमिक अनशन कर गतिरोध को दूर करने की मांग की। हाईकोर्ट बार के पूर्व संयुक्त सचिव लाइब्रेरी संजीव सिंह व पूर्व संयुक्त सचिव प्रशासन अभिषेक शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित क्रमिक अनशन में कानपुर बार एसोसिएशन को उनके अधिकार की लड़ाई में अपना पूर्ण समर्थन दिया। साथ ही उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही को समाप्त किए जाने की मांग उठाई।
क्रमिक अनशन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए संजीव सिंह ने कहा कि न्यायिक अफसर को बचाने के लिए सारे कायदे नियम ताक पर रखे जा रहे हैं। न्यायिक बहिष्कार का समर्थन ऑल इंडिया लाॅयर्स यूनियन हाईकोर्ट इकाई ने भी किया है। उधर, बार एसोसिएशन बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने सोमवार को बैठक कर कानपुर अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य बहिष्कार का समर्थन किया। बार अध्यक्ष हर्ष नारायण शर्मा, महासचिव पंकज कुमार श्रीवास्तव, सत्येंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, विजय शंकर तिवारी, हरिश्चंद्र सिंह, संतोष कुमार तिवारी, सुरेंद्र कुमार, नवीन कुमार पांडेय, मोहन धुरिया आदि मौजूद रहे।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी कानपुर की घटना की जांच
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने कानपुर बार एसोसिएशन और पीठासीन अधिकारी के बीच उठे विवाद को लेकर जांच कराने का निर्णय लिया है। काउंसिल ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्रनाथ सिंह, बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन मधुसूदन त्रिपाठी और वरिष्ठ अधिवक्ता बलवंत सिंह की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी जांच कर अपनी रिपोर्ट काउंसिल को सौंपेगी। बार काउंसिल इस संबंध में 14 अप्रैल को फिर बैठक करेगी। यह निर्णय बार काउंसिल के चेयरमैन पांचू राम मौर्य की अगुवाई में हुई बैठक में लिया गया।
जिला अधिवक्ता संघ ने आंदोलन का किया समर्थन
कानपुर बार एसोसिएशन के द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का जिला अधिवक्ता संघ इलाहाबाद ने भी समर्थन दिया। मंत्री विद्या वारिधि मिश्र ने कहा कि आंदोलन को सहयोग प्रदान किया जाएगा। सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता सुबह 10 बजे से संघ भवन पर एकत्रित हुए। आम सभा में लिए गए निर्णय के अनुसार सोमवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।