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अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव बार से निलंबित, मांगा गया स्पष्टीकरण
Sun, 19 Jul 2020 11:40 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 19 Jul 2020 11:40 PM IST
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वकील
- फोटो : pixabay
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इलाहाबाद हाइकोर्ट बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता रितेश श्रीवास्ताव को अधिवक्ता विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया है। बार ने उन्हें नोटिस जारी करके पंद्रह दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। रितेश के खिलाफ हाइकोर्ट बार की नवनिर्वाचित कार्यकारणी के सभी सदस्यों ने एक मत से प्रस्ताव पास कर शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई किए जाने की मांग की। इसका संज्ञान लेते हुए बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय और महासचिव जेबी सिंह ने रितेश को निलंबित करते हुए नोटिस जारी किया है।
नवनिर्वाचित कार्यकारणी का आरोप है कि बीते कई वर्षों से रितेश की गतिविधियां ऐसी रहीं है, जिससे अधिवक्ताओं के सम्मान को चोट पहुंची है। उन्होंने चीफ जस्टिस कक्ष में तालाबंदी की, जिसकी वजह से सात जजों की पीठ ने वकीलों के अधिकारों में कटौती कर दी। वह सोशल मीडिया पर लगातार वरिष्ठ वक़ीलों और जजों के खिलाफ टिप्पणियां और लेख लिखते रहते हैं। लॉकडाउन के दौरान भी धरना-प्रदर्शन करके उन्होंने महामारी कानून का उल्लंघन किया, जिसकी वजह से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। कार्यकारिणी ने ऐसे तमाम आरोप लगाते हुए उनके निलंबन और उनसे वकालत का लाइसेंस वापस लेने की मांग की है।
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नवनिर्वाचित कार्यकारणी का आरोप है कि बीते कई वर्षों से रितेश की गतिविधियां ऐसी रहीं है, जिससे अधिवक्ताओं के सम्मान को चोट पहुंची है। उन्होंने चीफ जस्टिस कक्ष में तालाबंदी की, जिसकी वजह से सात जजों की पीठ ने वकीलों के अधिकारों में कटौती कर दी। वह सोशल मीडिया पर लगातार वरिष्ठ वक़ीलों और जजों के खिलाफ टिप्पणियां और लेख लिखते रहते हैं। लॉकडाउन के दौरान भी धरना-प्रदर्शन करके उन्होंने महामारी कानून का उल्लंघन किया, जिसकी वजह से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। कार्यकारिणी ने ऐसे तमाम आरोप लगाते हुए उनके निलंबन और उनसे वकालत का लाइसेंस वापस लेने की मांग की है।
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