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एडीओ पंचायत के निलंबन की संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 27 Sep 2015 01:56 AM IST
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मेजा (इलाहाबाद)। निर्धारित समय सीमा से पहले बकरीद की छुट्टी पर मेजा ब्लॉक में अलग से काउंटर खोलकर क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का फॉर्म बांटने पर एडीओ पंचायत को कार्रवाई का सामना करना पड़ा। मामले में शनिवार को एसडीएम मेजा की जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम संजय कुमार ने एडीओ पंचायत के निलंबन की संस्तुति कर दी है।
पंचायत चुनाव के पहले चरण के तहत यमुनापार के मेजा, उरुवा, करछना, मांडा एवं कोरांव ब्लॉक में 28 एवं 29 सितंबर को जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन होना है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर से फॉर्म वितरण शुरू करने की तिथि निर्धारित की थी लेकिन मेजा ब्लॉक मुख्यालय में एक दिन पहले यानी 25 सितंबर को ही छुट्टी के दिन काउंटर खोलकर क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन फॉर्म की बिक्री शुरू कर दी गई। फॉर्म का वितरण एडीओ पंचायत दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी करा रहे थे। आरोप यह भी है कि नामांकन फॉर्म के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक पैसा वसूला गया और नो-ड्यूज प्रमाणपत्र बनाने के नाम भी वसूली की गई।
अवैध रूप से नामांकन फॉर्म के वितरण पर अधिवक्ताओं ने भी ब्लॉक कार्यालय में काफी हंगामा किया था, जिसपर फॉर्म बांटने वाले ब्लॉक कर्मी काउंटर छोड़कर भाग गए थे। शिकायत मिलने पर डीएम संजय कुमार ने इस मामले की जांच एसडीएम मेजा आशीष मिश्र को सौंपते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट तलब कर ली थी। शनिवार को एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एडीओ पंचायत ने निर्वाचन नियमावली का उल्लंघन किया है। समय से पहले नामांकन फार्म वितरित करने के पीछे उनका क्या मकसद था, इस बारे में जांच की जा रही है लेकिन प्रथम दृष्टया एडीओ पंचायत ही दोषी हैं। डीएम संजय कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार उन्होंने शनिवार को एडीओ पंचायत के निलंबन की संस्तुति कर दी है।
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पंचायत चुनाव के पहले चरण के तहत यमुनापार के मेजा, उरुवा, करछना, मांडा एवं कोरांव ब्लॉक में 28 एवं 29 सितंबर को जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन होना है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर से फॉर्म वितरण शुरू करने की तिथि निर्धारित की थी लेकिन मेजा ब्लॉक मुख्यालय में एक दिन पहले यानी 25 सितंबर को ही छुट्टी के दिन काउंटर खोलकर क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन फॉर्म की बिक्री शुरू कर दी गई। फॉर्म का वितरण एडीओ पंचायत दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी करा रहे थे। आरोप यह भी है कि नामांकन फॉर्म के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक पैसा वसूला गया और नो-ड्यूज प्रमाणपत्र बनाने के नाम भी वसूली की गई।
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अवैध रूप से नामांकन फॉर्म के वितरण पर अधिवक्ताओं ने भी ब्लॉक कार्यालय में काफी हंगामा किया था, जिसपर फॉर्म बांटने वाले ब्लॉक कर्मी काउंटर छोड़कर भाग गए थे। शिकायत मिलने पर डीएम संजय कुमार ने इस मामले की जांच एसडीएम मेजा आशीष मिश्र को सौंपते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट तलब कर ली थी। शनिवार को एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एडीओ पंचायत ने निर्वाचन नियमावली का उल्लंघन किया है। समय से पहले नामांकन फार्म वितरित करने के पीछे उनका क्या मकसद था, इस बारे में जांच की जा रही है लेकिन प्रथम दृष्टया एडीओ पंचायत ही दोषी हैं। डीएम संजय कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार उन्होंने शनिवार को एडीओ पंचायत के निलंबन की संस्तुति कर दी है।
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