ब्लाक प्रमुख पद के लिए नामांकन की प्रशासन ने पूरी की तैयारी, बढ़ा तनाव
- 23 ब्लाक में 94 लोगों ने लिए नामांकन फार्म, सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी निगरानी
- जसरा-धनुपुर-मांडा में दो-दो तथा हंडिया एवं बहरिया में सात-सात दावेदार ले गए फार्म
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ब्लाक प्रमुख पद के लिए बृहस्पतिवार को नामांकन होगा। कई लोगों को नामांकन फार्म लेने से रोके जाने की शिकायत है। ऐसे में नामांकन से पहले ही तनाव बढ़ गया है। नामांकन के दौरान बवाल की भी आशंका बन गई है। इसे देखते हुए सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। पूरी प्रक्रिया पर सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जाएगी।
जिले में 23 ब्लाक में प्रमुख पद के लिए दिन में 11 से तीन बजे के बीच नामांकन होगा। कुल 94 लोग 211 नामांकन फार्म ले गए हैं। सबसे अधिक हंडिया और बहरिया ब्लाक में सात-सात दावेदार फार्म ले गए। वहीं धनुपुर, जसरा और मांडा में दो-दो लोग फार्म ले गए। प्रत्याशी अधिकतम चार सेट में नामांकन कर सकते हैं। नामांकन के लिए एक-एक प्रस्तावक और समर्थक का होना आवश्यक है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह ने बताया कि नामांकन की पूरी तैयारी कर ली गई है। नामांकन से लेकर मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया ब्लाक मुख्यालय पर पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
बीडीसी सदस्य गायब, परिजन भी नजरबंद
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में झटका लगने के बाद सपा ने अपनाई नई रणनीति
प्रयागराज। ब्लाक प्रमुख चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) की घेराबंदी तेज हो गई है। इस कवायद के बीच ज्यादातर सदस्य तो गायब हो ही गए हैं, दावेदारों को उनके परिजन भी नहीं मिल रहे हैं। दबाव बढने के बाद कई सदस्यों के नजदीकी रिश्तेदार भी नजरबंद हो गए हैं।
भाजपा की ओर से समर्थित प्रत्याशियों की सूची बुधवार को जारी की गई। चूंकि शनिवार को मतदान होगा। यानि, उम्मीदवारों के पास जनसंपर्क के लिए अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। ऐसे में उन्होंने घेराबंदी तेज कर दी है। ज्यादातर बीडीसी सदस्य पहले ही भूमिगत हो चुके हैं। ऐसे में उनके रिश्तेदारों से संपर्क किया जा रहा है।
इसके विपरीत जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में झटका खाने के बाद सपा ने नई रणनीति अपनाई है। इसके तहत सदस्यों को हटाने के साथ उनके करीबी रिश्तेदारों को भी विपक्षी खेमे से दूर रखने की रणनीति बनाई गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सदस्यों के परिजनों पर काफी दबाव रहा। इसे देखते हुए ब्लाक प्रमुख चुनाव में सदस्यों के अलावा परिजनों पर भी नजर रखी जा रही है। इसके लिए ब्लाकवार वरिष्ठ नेताओं तथा क्षेत्र के प्रमुख लोगों की टीम बनाई गई है।