UPPSC Protest: छात्रों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और छात्रों के बीच जबरदस्त नोकझोंक...हाथापाई; स्थिति तनावपूर्ण
प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे UPPSC अभ्यर्थियों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। प्रदर्शन कर रहे छात्र का आरोप है कि पुलिस उनके साथियों को घसीटकर ले गई है। इस दौरान कई छात्राएं चोटिल भी हो गईं। तमाम पुलिस कर्मी बिना वर्दी के थे।
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विस्तार
इससे पहले, आज सुबह 8:00 बजे धरनास्थल पर अचानक पुलिस फोर्स पहुंची और कुछ छात्रों को घसीट कर ले गई। इनमें छात्र नेता आशुतोष पांडे भी शामिल हैं जो उसे वक्त धरने का नेतृत्व कर रहे थे। इस खींचतान में धरने पर बैठी कई छात्राएं चोटिल भी हो गईं। तमाम पुलिस कर्मी बिना वर्दी के थे।
छात्राओं का कहना है कि उनके साथ कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। छात्राओं के साथ अभद्रता भी हुई है। अब छात्राओं ने ही मोर्चा संभाल लिया है और धरने का खुद नेतृत्व कर रही हैं।
मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। धरना स्थल के चारों तरफ बैरिकेडिंग और ज्यादा कर दी गई है। छात्र पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उधर, अखिलेश यादव आज प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात कर सकते हैं।
प्रयागराज के डीसीपी अभिषेक भारती का कहना है कि छात्र राज्य पीएससी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे संवैधानिक तरीके से अपना विरोध जारी रखें और उनकी मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बुधवार को असामाजिक तत्वों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। वे छात्र नहीं बल्कि असामाजिक तत्व हैं, जिनका आपराधिक इतिहास है। ऐसे असामाजिक तत्व विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बन रहे हैं और छात्रों को भड़का रहे हैं। उनकी पहचान की जा रही है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
#WATCH | DCP Prayagraj, Abhishek Bharti says, "Students are protesting against the state PSC. The students are being requested to continue with their protest constitutionally and their demands will be taken to the authorities... Yesterday, public property was vandalised by… https://t.co/winIXxmHdG pic.twitter.com/r9CsaAT2ud
— ANI (@ANI) November 14, 2024
आयोग के बाहर तोड़फोड़ में सपा नेता समेत तीन को जेल
इससे पहले, उप्र. लोकसेवा आयोग के बाहर चल रहे प्रदर्शन के दौरान सरकारी बैरियर, कोचिंग का बोर्ड तोड़ने व अशांति फैलाने के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस ने सपा नेता समेत तीन लोगों को जेल भेज दिया। सपा नेता समेत दो पर एक दिन पहले दर्ज कराए गए मुकदमे जबकि एक अन्य आरोपी का शांतिभंग में चालान हुआ। अज्ञात आरोपियों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
पुलिस का दावा है कि मंगलवार को सरकारी बैरियर, कोचिंग का बोर्ड तोड़ने वालों में दोनों शामिल थे। उन्हें वीडियो फुुटेज से चिह्नित किया गया है। सिविल लाइंस थाने में लोकसेवा आयोग चौकी प्रभारी कृष्णमुरारी चौरसिया की तहरीर पर कुल 12 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें से दो नामजद जबकि शेष अज्ञात थे। पुलिस अज्ञात आरोपियों को चिह्नित करने के लिए वीडियो फुटेज खंगालने में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, जेल भेजा गया तीसरा आरोपी शशांक मूल रूप से करौरा, औरैया का रहने वाला है जो यहां रहकर खुद को प्रतियोगी छात्र बताता है। वह उन 10 लोगों में शामिल था जिन्हें मंगलवार को आंदोलन की आड़ में अशांति फैलाने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इनमें से नौ को तो एसीपी कोर्ट से जमानत दे दी गई लेकिन शशांक को जेल भेज दिया गया। आरोप यह भी है कि शशांक जबरन कोचिंग बंद कराने पहुंचा था और आयोग के पास भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा था।
चौकी प्रभारी की ओर से एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे आयोग के गेट नंबर दो के सामने नगर निगम के खंभे पर लगा कोचिंग का बोर्ड कुछ अराजक तत्वों ने सरकारी लोहे के मोबाइल बैरियर पर चढ़कर तोड़ दिया। सरकारी बैरियर भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
एक दिन पहले दर्ज मुकदमे के दो नामजद आरोपियों को जेल भेजा गया है। एक अन्य का शांतिभंग में चालान किया गया है। शेष नौ को जमानत मिल गई है।-अभिषेक भारती, डीसीपी नगर
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