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पॉक्सो की जमानत मामले में सूचना न देने वाले पुलिस अफसरों पर कार्रवाई का आदेश
Thu, 10 Feb 2022 02:39 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 10 Feb 2022 02:39 AM IST
सार
कोर्ट ने मामले में एसपी को 11 फरवरी को वीडियो कांफ्रेंसिंग मोड से व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही उनसे अदालत के निर्देशों का पालन करने में पुलिस अधिकारियों की विफलता का कारण बताने का भी निर्देश दिया।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर के एसपी को पॉक्सो के आरोपी की जमानत अर्जी के मामले में पीड़ित पक्ष के कानूनी अभिभावक के साथ सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) को सूचना देने में विफल रहने वालों पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है।
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कोर्ट ने मामले में एसपी को 11 फरवरी को वीडियो कांफ्रेंसिंग मोड से व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही उनसे अदालत के निर्देशों का पालन करने में पुलिस अधिकारियों की विफलता का कारण बताने का भी निर्देश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने कृपाल उर्फ किन्नू की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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हाईकोर्ट ने पुलिस और बाल कल्याण समिति को भी निर्देश जारी किया कि आरोपी की जमानत याचिका की सूचना मिलने पर पीड़ित पक्ष को सूचित करें। उन्हें उनके अधिकारों के बारे में बताने के साथ-साथ कानूनी सेवाएं प्रदान करें। सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने तर्क दिया कि सीडब्ल्यूसी तथा पुलिस अधिकारी जुनैद मामले में इस न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों और पॉक्सो अधिनियम का पालन करने में विफल रहे।
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हाईकोर्ट ने हाल ही में जुनैद मामले में यूपी के सभी जिलों में पॉक्सो अधिनियम का कार्यान्वयन न होने पर चिंता व्यक्त की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि जुनैद मामले में निर्देशों को लागू करने में विफलता अदालत के कामकाज में बाधा डाल रही है। कोर्ट ने मामले में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार को व्यक्तिगत हलफनामे में प्रथम दृष्टया टिप्पणियों का जवाब देने के लिए निर्देश दिया।