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High Court : सौ वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म व हत्या का दोषी हाईकोर्ट से बरी, अभियोजन आरोप नहीं कर सका साबित

Mon, 19 Aug 2024 10:39 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 19 Aug 2024 10:39 AM IST
सार

मेरठ के जानी थाने में 29 अक्तूबर 2017 को अंकित पुनिया पर महिला से दुष्कर्म, एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना के बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद हत्या की धारा में भी मुकदमा दर्ज किया गया।

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accused of rape and murder of a hundred year old woman was acquitted by the High Court
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ की सौ वर्षीय महिला से दुष्कर्म व हत्या के दोषी को बरी कर दिया। स्वतंत्र गवाह न होने, मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म व हत्या की पुष्टि नहीं होने पर ट्रायल कोर्ट के उम्रकैद की सजा के आदेश को पलट दिया। न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की अदालत ने यह आदेश अंकित पुनिया की अपील पर दिया।

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मेरठ के जानी थाने में 29 अक्तूबर 2017 को अंकित पुनिया पर महिला से दुष्कर्म, एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना के बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद हत्या की धारा में भी मुकदमा दर्ज किया गया। विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 नवंबर 2020 को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

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याची के वकील ने दलील दी कि वादी ने अभियुक्त से रुपये उधार लिए थे। रुपये देने से बचने व सरकार से मिलने वाले आर्थिक सहायता राशि के लिए झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में दुष्कर्म के साक्ष्य नहीं पाए गए हैं। अपर शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि अभियोजन ने घटना को संदेह से परे साबित किया है। अभियुक्त शराब के नशे में जबरन घर में घुसा था और घटना को अंजाम दिया। इसलिए अपील खारिज किए जाने योग्य है।

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कोर्ट ने तर्कों को सुनने व साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद कहा कि चश्मदीद के बयान सही नहीं हैं। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट से भी चोट के लक्षण नहीं मिले और न ही दुष्कर्म के साक्ष्य पाए गए। इन आधारों पर कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए अभियुक्त को बरी कर दिया। 

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