{"_id":"68b431d335b6186b960d1e29","slug":"accusation-against-husband-of-misleading-the-court-investigation-report-summoned-from-the-registrar-general-2025-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"High Court : पति के खिलाफ अदालत को गुमराह करने का आरोप, महानिबंधक से जांच रिपोर्ट तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
High Court : पति के खिलाफ अदालत को गुमराह करने का आरोप, महानिबंधक से जांच रिपोर्ट तलब
Sun, 31 Aug 2025 04:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 31 Aug 2025 04:58 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी की ओर से पति के खिलाफ अदालत को गुमराह करने के लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक न्यायिक जांच महानिबंधक को सौंपते हुए एक माह में रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
अदालत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी की ओर से पति के खिलाफ अदालत को गुमराह करने के लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक न्यायिक जांच महानिबंधक को सौंपते हुए एक माह में रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पति को दी गई अंतरिम राहत के आदेश को वापस ले लेते हुए उसकी विदेश यात्रा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह न्याय में बाधा डालने और फर्जीवाड़े का गंभीर मामला होगा। लिहाजा मामले के मूल अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की अदालत ने आजमगढ़ निवासी अकिंता प्रियदर्शिनी की याचिका पर दिया है। याची ने आरोप लगाया कि उनके पति अर्पण सक्सेना ने पासपोर्ट संबंधी शर्तों में ढील पाने के लिए अदालत के समक्ष जाली दस्तावेज पेश किए। हलफनामे में हेरफेर की और फर्जी हस्ताक्षरों का प्रयोग किया। साथ ही प्रति शपथपत्र के पन्नों को गायब करने और अनधिकृत पन्ने जोड़ने जैसे आरोप भी लगाए गए।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने पाया कि 26 मार्च 2025 को दिए गए आदेश में जिस प्रति शपथपत्र पर भरोसा किया गया था, वह बिना शपथ का था और उस पर अदालत की मार्किंग भी थी। इसे अदालत ने गंभीर अनियमितता और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना। लिहाजा कोर्ट ने सात और 26 मार्च के अपने पूर्व आदेशों को वापस लेते हुए अर्पण सक्सेना को पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। साथ ही बिना अनुमति देश छोड़ने पर रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2025 को होगी।
विज्ञापन