Accident In Prayagraj: सड़क हादसे में असिस्टेंट प्रोफेसर की मौत, अमेठी में थे तैनात
मूल रूप से चंदौली के रहने वाले डॉ. राजीव अमेठी स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के मानविकी विभाग में तैनात थे। उनकी पत्नी मनीषा सिंह फाफामऊ स्थित श्यामाप्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज के हिंदी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। पति-पत्नी दो बेटियों संग शांतिपुरम सेक्टर ए में रहते थे।
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शांतिपुरम में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में अमेठी में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजीव प्रताप सिंह की मौत हो गई। वह स्कूटी से रुपये निकालने के लिए एटीएम बूथ तक जा रहे थे और इसी दौरान बेकाबू बस ने उन्हें कुचल दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि बस को कब्जे में लेकर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मूल रूप से चंदौली के रहने वाले डॉ. राजीव अमेठी स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के मानविकी विभाग में तैनात थे। उनकी पत्नी मनीषा सिंह फाफामऊ स्थित श्यामाप्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज के हिंदी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। पति-पत्नी दो बेटियों संग शांतिपुरम सेक्टर ए में रहते थे। इन दिनों डॉ. राजीव मकान बनवा रहे थे, ऐसे में वह छुट्टी लेकर घर आए थे।
एटीएम से रुपये निकालने जा रहे थे
सोमवार सुबह वह एटीएम से रुपये निकालने के लिए स्कूटी से घर से निकले। अभी वह प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पार कर रहे थे तभी पीछे से आई बेकाबू बस ने स्कूटी में टक्कर मार दी। इससे वह सड़क पर गिर गए और इसी दौरान बस का पहिया उनके ऊपर चढ़ गया जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह देख राहगीर दौड़े तो चालक बस छोड़कर भाग निकला। सूचना मिली तो पुलिस पहुंची और शिनाख्त के बाद घरवालों को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे परिजन खून से लथपथ शव देखकर बदहवास से हो गए। तब तक बड़ी संख्या में आसपास के लोग भी पहुंच गए। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव को शांतिपुरम स्थित घर ले जाया गया। कुछ देर रुकने के बाद घरवाले शव लेकर पैतृक गांव चंदौली के लिए रवाना हो गए। फाफामऊ एसओ आशीष सिंह ने बताया कि आरोपी चालक सगीर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
डग्गामार बस बनी काल
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस बस ने असिस्टेंट प्रोफेसर की जान ली, वह डग्गामार थी। इसका संचालन सिविल लाइंस से प्रतापगढ़ तक किया जाता है। सिविल लाइंस में आयकर कार्यालय के सामने से इन बसों का संचालन अवैध रूप से किया जाता है। बड़ी बात यह है कि हाल ही में शासन की ओर से सभी अवैध बस अड्डे बंद कराने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद अब तक अवैध बस अड्डों पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है।