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टिकट लेने निकले युवक को ट्रक ने कुचला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Dec 2014 12:40 AM IST
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बरौत (इलाहाबाद)। हंडिया थाना क्षेत्र के जसवां गांव के रमेश चंद्र पांडेय उर्फ रज्जन (35) की बृहस्पतिवार की रात सड़क हादसे में मौत हो गई। वह ट्रेन का टिकट लेने के लिए बरौत बाजार गए थे। रात में 10.30 बजे लौटते वक्त ट्रक ने उनको कुचल दिया। ट्रक का पहिया उनके सिर के ऊपर से होकर गुजरा। मौके पर पहुंची पुलिस उनकी पहचान नहीं कर सकी। शव को थाने ले आया गया। रात भर परिजन भी उनकी तलाश करते रहे। जब कहीं से रमेश की खबर नहीं मिली तो परिजन सुबह थाने पहुंचे तो हादसे का पता चला। रमेश चंद्र की जान लेने वाले ट्रक को पकड़ा नहीं जा सका है।
रमेश चंद्र सूरत में प्राइवेट नौकरी करते थे। एक माह पूर्व वह छुट्टी पर अपने गांव आए थे। उनको सूरत वापस लौटना था। तत्काल टिकट के इंतजाम के लिए वह बृहस्पतिवार की शाम बरौत बाजार गए थे। रात 10.30 बजे वह बरौत बाजार के चौराहे पर थे तभी वाराणसी की ओर से आया तेज रफ्तार ट्रक उनको रौंदते हुए निकल गया। ट्रक को पकड़ा नहीं जा सका है। रमेश के पास कोई ऐसा पेपर नहीं मिला था जिससे उनकी पहचान हो सके। रमेश चंद्र के पिता रामनारायण पांडेय किसान हैं। परिवार में मां फूलवती, पत्नी राजकुमारी, बेटा शिवम, बेटी शीतल हैं। वह छह भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। परिजनों को हादसे की खबर मिली तो उनका बुरा हाल हो गया। पत्नी और मां तो रोते-रोते बेसुध हो गए। थाने से ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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रमेश चंद्र सूरत में प्राइवेट नौकरी करते थे। एक माह पूर्व वह छुट्टी पर अपने गांव आए थे। उनको सूरत वापस लौटना था। तत्काल टिकट के इंतजाम के लिए वह बृहस्पतिवार की शाम बरौत बाजार गए थे। रात 10.30 बजे वह बरौत बाजार के चौराहे पर थे तभी वाराणसी की ओर से आया तेज रफ्तार ट्रक उनको रौंदते हुए निकल गया। ट्रक को पकड़ा नहीं जा सका है। रमेश के पास कोई ऐसा पेपर नहीं मिला था जिससे उनकी पहचान हो सके। रमेश चंद्र के पिता रामनारायण पांडेय किसान हैं। परिवार में मां फूलवती, पत्नी राजकुमारी, बेटा शिवम, बेटी शीतल हैं। वह छह भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। परिजनों को हादसे की खबर मिली तो उनका बुरा हाल हो गया। पत्नी और मां तो रोते-रोते बेसुध हो गए। थाने से ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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