प्रयागराज : मोबाइल शाॅप में लगी भीषण आग, 45 महंगे मोबाइल समेत कई लैपटॉप जलकर खाक
सरायइनायत थाना क्षेत्र के इनयतापुर सहसों निवासी जितेन्द्र कुमार प्रजापति सहसों बाईपास पर एक बड़ी मोबाइल शॉप की दुकान खोल रखा है। जहां नए एंड्रायड मोबाइल सेट के साथ ही लैपटाॅप व सीरीज बेचने के साथ ही मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों की रिपेयरिंग करने का काम करता था।
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बुधवार भोर में शार्ट-सर्किट से मोबाइल शॉप की दुकान में भीषण आग लग गई। इस हादसे में नए मोबाइल व लैपटॉप समेत तकरीबन 10 लाख रूपये से अधिक कीमत के सामान जलकर खाक हो गए। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन तब तक भुक्तभोगी के दुकान में रखा सबकुछ स्वाहा हो चुका था। व्यवसायी ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
सरायइनायत थाना क्षेत्र के इनयतापुर सहसों निवासी जितेन्द्र कुमार प्रजापति सहसों बाईपास पर एक बड़ी मोबाइल शॉप की दुकान खोल रखा है। जहां नए एंड्रायड मोबाइल सेट के साथ ही लैपटाॅप व सीरीज बेचने के साथ ही मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों की रिपेयरिंग करने का काम करता था। मंगलवार शाम वह दुकान बंद कर घर चला गया। बुधवार भोर करीब 3 बजे अचानक शार्ट-सर्किट की वजह से दुकान में आग लग गई।
आग की लपटे तेज हुई तो मोबाइल भी जलने लगे। इस दौरान तेज आवाज सुन आस पास के लोग जगे तो दुकान के अंदर से भारी धुंआ निकल रहा था। इसकी सूचना पर दुकानदार जितेन्द्र मौके पर पहुंचे तो वहां का नजारा देख उसके होश उड़ गए। सबमर्सिबल चलाकर ग्रामीण आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए। घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सूचना पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और मौका मुआयना कर वापस लौट गई।
आईटीआई कर चुना व्यवसाय, 5 लाख की है उधारी
इनयतापुर गांव निवासी अशोक कुमार पान की दुकान चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। उनके चार बेटों में सबसे छोटा बेटा जितेन्द्र कुमार वर्ष 2019 में आईटीआई की परीक्षा पास की तो परदेश जाने की तैयारी में लग गया। लेकिन कोविड के दौरान बेरोजगारी का दंश झेल रहे जितेन्द्र प्रजापति ने सहसों बाजार में छोटी सी मोबाइल की दुकान खोल दिया। धीरे-धीरे उसने व्यवसाय को बढ़ाया और पिता का सहारा बन गया। अचानक दुकान में आग लगने से तकरीबन 10 लाख रूपये से अधिक का सामान बर्बाद हो जाने से परेशान जितेन्द्र ने बताया कि नए मोबाइल व अन्य सामानों का अभी 5 लाख से अधिक का उसके ऊपर उधारी है। उसे इस बात की चिंता सता रही है कि उधारी वह कैसे भरेगा।
संयोग ही था कि घटना वाले दिन सोया था घर पर
व्यवसायी जितेन्द्र प्रतिदिन दुकान बंद करने के बाद घर जाता और भोजन कर रात में फिर दुकान पर ही सोने के लिए आता था। संयोग ही था कि मंगलवार की रात वह घर पर ही सो गया और रात में शार्ट-सर्किट से दुकान में आग लग गई और भारी नुकशान हो गया। अगलगी की घटना के बाद वहां मौजूद लोग यह चर्चा करते देखे गए कि संयोग ही था कि वह दुकान में नहीं सोया था।