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ऐन वक्त पर बदला कई ट्रेनों का प्लेटफार्म, भड़के यात्री
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 02 Oct 2016 02:38 AM IST
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इलाहाबाद। इलाहाबाद जंक्शन पर शनिवार को एक साथ कई ट्रेनों का प्लेटफार्म बदल दिए जाने की वजह से यात्रियों को खासी परेशानी हुई। इस दौरान प्रताप एक्सप्रेस का प्लेटफार्म अचानक बदल दिए जाने से यात्री भड़क गए। नाराज यात्री प्लेटफार्म नंबर एक स्थित डिप्टी एसएस कार्यालय पहुंच गए। यहां यात्रियों ने खूब शोर शराबा किया। यात्रियों का कहना था कि एनाउंसमेंट करने के चंद मिनट बाद ही ट्रेन प्लेटफार्म पर आ गई। जबकि अगर किसी ट्रेन का प्लेटफार्म बदला जाता है तो कम से कम 20 मिनट पहले उसकी सूचना प्रसारित करनी चाहिए।
कोलकाता से बीकानेर जाने वाली 12496 प्रताप एक्सप्रेस शनिवार को तकरीबन दो घंटे लेट थी। इसे प्लेटफार्म नंबर एक पर आना था, लेकिन प्लेटफार्म नंबर एक और दो खाली न होने की वजह से जंक्शन पर दिन में 1.05 बजे एनाउंसमेंट किया गया कि प्रताप एक्सप्रेस बदले हुए प्लेटफार्म नंबर तीन पर आएगी। अचानक हुई इस घोषणा से गिरते पड़ते यात्री फुट ओवर ब्रिज की तरफ भागे। इस बीच 1.19 बजे ट्रेन प्लेटफार्म पर आ भी गई और 1.28 बजे रवाना हो गई। इस दौरान जो लोग अपने परिचितों को छोड़ने आए थे, वे भड़क गए। अपना विरोध दर्ज कराने के लिए वे डिप्टी एसएस कार्यालय पहुंच गए। यहां खूब शोर शराबा भी हुआ। किसी तरह से यात्रियों को समझा बुझाकर शांत किया गया। बताया जा रहा है कि प्रताप एक्सप्रेस के अलावा 13007 तूफान एक्सप्रेस, 12311 कालका मेल आदि ट्रेनों के भी प्लेटफार्म बदले गए। तूफान एक्सप्रेस एक नंबर प्लेटफार्म से सीधे सात नंबर प्लेटफार्म पर आई। इस आपाधापी में यात्रियों को खासी दिक्कत हुई। उधर, प्लेटफार्म खाली न होने से मेरठ से इलाहाबाद आने वाली संगम एक्सप्रेस को सूबेदारगंज से इलाहाबाद आने में तकरीबन दो घंटे लग गए। सूबेदार गंज से दिन में 1.10 बजे चलने के बाद संगम काफी देर तक आउटर पर खड़ी रही और तीन बजे के आसपास जंक्शन पहुंची। इस वजह से शाम वाली संगम शाम 5.45 की बजाय रात 10.15 बजे रवाना करने की तैयारी की गई।
‘अलीगढ़ में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से डाउन लाइन की ट्रेनें लेट आई थीं। दिन के वक्त जंक्शन के प्लेटफार्म खाली नहीं थे। इसी वजह से ऑपरेटिंग विभाग ने ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले।’
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बिजय कुमार, सीपीआरओ एनसीआर।
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डीआरएम ने भी जाना लेटलतीफी का दर्द
0 ट्रेनों की लेटलतीफी के दर्द से शनिवार को डीआरएम एसके पंकज भी वाकिफ हुए। दरअसल डीआरएम विंध्याचल में शुरू हुए नवरात्रि मेले की तैयारियों का जायजा लेकर 15483 महानंदा एक्सप्रेस से इलाहाबाद लौट रहे थे। महानंदा एक्सप्रेस दो बजे के आसपास नैनी पहुंच गई थी, लेकिन नैनी से इलाहाबाद के बीच सीमांचल, जोधपुर, तूफान एक्सप्रेस आदि ट्रेनें फंसी होने की वजह से महानंदा एक्सप्रेस अपराह्न तीन बजे के आसपास ही पहुंच सकी।
एक बजे के बाद आई प्रयागराज और दुरंतो
अलीगढ़ में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से शनिवार को दिल्ली रूट से इलाहाबाद आने वाली तमाम ट्रेनें घंटों विलंबित हो गईं। प्रयागराज एक्सप्रेस दिन में 1.15 बजे, दिल्ली दुरंतो 1.25 बजे, संगम एक्सप्रेस 2.50 बजे तक इलाहाबाद पहुंच सकी। इसके अलावा ब्रहमपुत्र मेल नौ घंटे, पुरुषोत्तम सात घंटे, मंडुवाडीह एक्सप्रेस 7.30 घंटे की देरी से इलाहाबाद पहुंच सकी।
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कोलकाता से बीकानेर जाने वाली 12496 प्रताप एक्सप्रेस शनिवार को तकरीबन दो घंटे लेट थी। इसे प्लेटफार्म नंबर एक पर आना था, लेकिन प्लेटफार्म नंबर एक और दो खाली न होने की वजह से जंक्शन पर दिन में 1.05 बजे एनाउंसमेंट किया गया कि प्रताप एक्सप्रेस बदले हुए प्लेटफार्म नंबर तीन पर आएगी। अचानक हुई इस घोषणा से गिरते पड़ते यात्री फुट ओवर ब्रिज की तरफ भागे। इस बीच 1.19 बजे ट्रेन प्लेटफार्म पर आ भी गई और 1.28 बजे रवाना हो गई। इस दौरान जो लोग अपने परिचितों को छोड़ने आए थे, वे भड़क गए। अपना विरोध दर्ज कराने के लिए वे डिप्टी एसएस कार्यालय पहुंच गए। यहां खूब शोर शराबा भी हुआ। किसी तरह से यात्रियों को समझा बुझाकर शांत किया गया। बताया जा रहा है कि प्रताप एक्सप्रेस के अलावा 13007 तूफान एक्सप्रेस, 12311 कालका मेल आदि ट्रेनों के भी प्लेटफार्म बदले गए। तूफान एक्सप्रेस एक नंबर प्लेटफार्म से सीधे सात नंबर प्लेटफार्म पर आई। इस आपाधापी में यात्रियों को खासी दिक्कत हुई। उधर, प्लेटफार्म खाली न होने से मेरठ से इलाहाबाद आने वाली संगम एक्सप्रेस को सूबेदारगंज से इलाहाबाद आने में तकरीबन दो घंटे लग गए। सूबेदार गंज से दिन में 1.10 बजे चलने के बाद संगम काफी देर तक आउटर पर खड़ी रही और तीन बजे के आसपास जंक्शन पहुंची। इस वजह से शाम वाली संगम शाम 5.45 की बजाय रात 10.15 बजे रवाना करने की तैयारी की गई।
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‘अलीगढ़ में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से डाउन लाइन की ट्रेनें लेट आई थीं। दिन के वक्त जंक्शन के प्लेटफार्म खाली नहीं थे। इसी वजह से ऑपरेटिंग विभाग ने ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले।’
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बिजय कुमार, सीपीआरओ एनसीआर।
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डीआरएम ने भी जाना लेटलतीफी का दर्द
0 ट्रेनों की लेटलतीफी के दर्द से शनिवार को डीआरएम एसके पंकज भी वाकिफ हुए। दरअसल डीआरएम विंध्याचल में शुरू हुए नवरात्रि मेले की तैयारियों का जायजा लेकर 15483 महानंदा एक्सप्रेस से इलाहाबाद लौट रहे थे। महानंदा एक्सप्रेस दो बजे के आसपास नैनी पहुंच गई थी, लेकिन नैनी से इलाहाबाद के बीच सीमांचल, जोधपुर, तूफान एक्सप्रेस आदि ट्रेनें फंसी होने की वजह से महानंदा एक्सप्रेस अपराह्न तीन बजे के आसपास ही पहुंच सकी।
एक बजे के बाद आई प्रयागराज और दुरंतो
अलीगढ़ में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से शनिवार को दिल्ली रूट से इलाहाबाद आने वाली तमाम ट्रेनें घंटों विलंबित हो गईं। प्रयागराज एक्सप्रेस दिन में 1.15 बजे, दिल्ली दुरंतो 1.25 बजे, संगम एक्सप्रेस 2.50 बजे तक इलाहाबाद पहुंच सकी। इसके अलावा ब्रहमपुत्र मेल नौ घंटे, पुरुषोत्तम सात घंटे, मंडुवाडीह एक्सप्रेस 7.30 घंटे की देरी से इलाहाबाद पहुंच सकी।