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मुकदमा वादिनी के नाम से थाने पहुंचा फर्जी हलफनामा, मचा हड़कंप
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A fake affidavit reached the police station in the name of Sue Vadini, created a stir
प्रयागराज। धूमनगंज में हत्या के प्रयास के मामले में मुकदमा वादिनी के नाम से फर्जी हलफनामा पहुंच गया। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो खुलासा हुआ कि वादी पक्ष की ओर से कोई हलफनामा नहीं दिया गया और यह मुकदमा खत्म कराने की किसी की साजिश है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
घटना राजरूपपुर में 60 फीट रोड पर करीब डेढ़ महीने पहले हुई थी। 22 नवंबर को दो पक्षों में विवाद के बाद फायरिंग की गई जिसमें वहां से गुजर रहा निजी अस्पताल कर्मी अनूप त्रिपाठी जख्मी हो गया। मामले में कसारी मसारी निवासी अख्तरी ने असरौली निवासी अकरम व उसके साथियों साहिल व आजम पर केस दर्ज कराया। आरोप लगाया कि उसका देवर नबी अहमद चकिया निवासी रवि पासी हत्याकांड में गवाह है। गवाही न देने का दबाव बनाने के लिए ही अतीक अहमद के करीबी अकरम ने उस पर फायरिंग की।
आरोपी घटना के बाद से ही फरार हैं। उधर पिछले दिनों धूमनगंज थाने में मुकदमा वादिनी अख्तरी के नाम से एक हलफनामा पहुंचा। जिसमें लिखा था कि उसका समझौता हो गया है और वह कार्रवाई नहीं चाहती। पुलिस ने वादिनी के घर पहुंचकर पूछताछ की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि वादिनी या उसके परिवार के किसी भी सदस्य ने कोई हलफनामा नहीं दिया। जिसके बाद पुलिस को आशंका है कि मुकदमा खत्म कराने की साजिश के तौर पर ऐसा किया गया। धूमनगंज इंस्पेक्टर अरुण कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पता लगाया जा रहा है कि हलफनामा किस माध्यम और कैसे थाने में पहुंचा। जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डेढ़ महीने बाद भी आरोपी पकड़ से दूर
हमले के आरोपी वारदात के बाद से ही फरार चल रहे हैं। एनबीडब् ल्यू जारी होने के बाद भी अब तक आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए कोर्ट में अर्जी दी जाएगी।
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घटना राजरूपपुर में 60 फीट रोड पर करीब डेढ़ महीने पहले हुई थी। 22 नवंबर को दो पक्षों में विवाद के बाद फायरिंग की गई जिसमें वहां से गुजर रहा निजी अस्पताल कर्मी अनूप त्रिपाठी जख्मी हो गया। मामले में कसारी मसारी निवासी अख्तरी ने असरौली निवासी अकरम व उसके साथियों साहिल व आजम पर केस दर्ज कराया। आरोप लगाया कि उसका देवर नबी अहमद चकिया निवासी रवि पासी हत्याकांड में गवाह है। गवाही न देने का दबाव बनाने के लिए ही अतीक अहमद के करीबी अकरम ने उस पर फायरिंग की।
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आरोपी घटना के बाद से ही फरार हैं। उधर पिछले दिनों धूमनगंज थाने में मुकदमा वादिनी अख्तरी के नाम से एक हलफनामा पहुंचा। जिसमें लिखा था कि उसका समझौता हो गया है और वह कार्रवाई नहीं चाहती। पुलिस ने वादिनी के घर पहुंचकर पूछताछ की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि वादिनी या उसके परिवार के किसी भी सदस्य ने कोई हलफनामा नहीं दिया। जिसके बाद पुलिस को आशंका है कि मुकदमा खत्म कराने की साजिश के तौर पर ऐसा किया गया। धूमनगंज इंस्पेक्टर अरुण कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पता लगाया जा रहा है कि हलफनामा किस माध्यम और कैसे थाने में पहुंचा। जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डेढ़ महीने बाद भी आरोपी पकड़ से दूर
हमले के आरोपी वारदात के बाद से ही फरार चल रहे हैं। एनबीडब् ल्यू जारी होने के बाद भी अब तक आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए कोर्ट में अर्जी दी जाएगी।