Railway : रेल विद्युतीकरण के शताब्दी वर्ष पर जारी होगा 100 रुपये का सिक्का, वित्त मंत्रालय ने जारी किया गजट
सौ वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय रेलवे शताब्दी वर्ष मना रहा है। इसी उपलक्ष्य पर 100 रुपये का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी करने की घोषणा की गई है। इस बारे में केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) के सीपीआरओ कल्याण सिंह ने बताया कि भारतीय रेलवे द्वारा रेल विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूर्ण होने पर तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विस्तार
सौ वर्ष पूर्व देश में चली पहली इलेक्टि्रक ट्रेन चलने के उपलक्ष्य में जल्द ही सौ रुपये का विशेष स्मारक सिक्का जारी होगा। वित्त मंत्रालय की ओर से इसका गजट जारी कर दिया गया है। दिल्ली में यह कार्यक्रम इसी माह होना प्रस्तावित है। दरअसल भारतीय रेल ने अपने विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे किए है। देश में 3 फरवरी 1925 को पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन मुंबई के विक्टोरिया टर्मिनस, जो अब छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के नाम से जाना जाता है, से कुर्ला के लिए ट्रेन चली थी।
सौ वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय रेलवे शताब्दी वर्ष मना रहा है। इसी उपलक्ष्य पर 100 रुपये का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी करने की घोषणा की गई है। इस बारे में केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) के सीपीआरओ कल्याण सिंह ने बताया कि भारतीय रेलवे द्वारा रेल विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूर्ण होने पर तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब 100 रुपये का विशेष सिक्का जारी होगा। इसका गजट जारी हो गया है।
उधर वित्त मंत्रालय द्वारा जो गजट जारी किया गया है उसमें बताया गया है कि 100 रुपये का खास सिक्के में चांदी 50 प्रतिशत, तांबा 40 प्रतिशत, निकल पांच प्रतिशत और जस्ता पांच प्रतिशत है। सिक्के के अग्रभाग पर अशोक स्तंभ का सिंह चिह्न होगा, जिसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा होगा। साथ ही दोनों तरफ भारत और इंडिया अंकित किया जाएगा और नीचे की ओर 100 रुपये का मूल्य दर्शाया जाएगा। पिछले भाग में भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण की 100वीं वर्षगांठ का प्रतीकात्मक चित्र होगा। सिक्के के ऊपरी परिधि पर देवनागरी लिपि में ‘ भारतीय रेल में विद्युतीकरण के वर्ष 100 ’ लिखा होगा, जबकि निचली परिधि में इसका उल्लेख अंग्रेजी भाषा में होगा। इसके अलावा 1925-2025 की अवधि भी अंकित होगी। सिक्के का वजन 34.65 ग्राम हो सकता है।
कोर प्रयागराज ने किया 75 फीसदी से ज्यादा रेलमार्ग का विद्युतीकरण
देश भर के तमाम राज्यों में हुए रेेल विद्युतीकरण की बात करें तो 75 फीसदी से ज्यादा रेलमार्ग का कोर प्रयागराज ने ही विद्युतीकरण किया। वर्तमान समय देश के सभी ब्रॉड गेज वाले रेलमार्ग में से 98 फीसदी से ज्यादा का विद्युतीकरण हो चुका है। उत्तर प्रदेश समेत दस से ज्यादा ऐसे राज्य हैं जहां शत प्रतिशत ब्रॉड गेज वाले रेलमार्ग का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।