{"_id":"8-53786","slug":"Allahabad-53786-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस भर्ती दौड़ में अभ्यर्थी का पैर टूटा, दूसरे ने खोया आपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस भर्ती दौड़ में अभ्यर्थी का पैर टूटा, दूसरे ने खोया आपा
Allahabad
Updated Fri, 17 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद ब्यूरो। पुलिस लाइन में चल रही भर्ती के दौरान दौड़ लगाते समय बृहस्पतिवार को एक बार फिर छह अभ्यर्थी बेहोश होकर गिर गए। गिरने से एक अभ्यर्थी का पैर टूट गया। अधिकारियाें के निर्देश पर बेहोश होकर गिरे सभी अभ्यर्थियों को एंबुलेंस में बैठाकर बेली अस्पताल पहुंचाया गया । अस्पताल में गाजीपुर निवासी अभ्यर्थी सूर्यभान ने जमकर बवाल मचाया। दौड़ के दौरान अचेत होकर गिरा सूर्यभानहोश में आने के बाद आपा खो बैठा और सुरक्षा में आए पुलिसकर्मी पर ही हमला बोल दिया। उसने पुलिसकर्मी की गर्दन दबोच ली और लेकर इधर उधर भागने लगा। उसकी इस करतूत से डॉक्टरों, पैरा मेडिकल, स्टाफ नर्स व इमरजेंसी में मौजूद मरीजों-तीमारदाराें में भगदड़ मच गई। इससे पहले कि पुलिसकर्मी के साथ कोई घटना होती मौके पर मौजूद कई डॉक्टरों, पैरा मेडिकल ने किसी तरह दबोच कर उस पर काबू पाया। डॉक्टरों ने उसे इंजेक्शन लगाकर सामान्य किया।
दौड़ के दौरान गाजीपुर निवासी रवींद्र यादव बेहोश होकर गिर गया। संतुलन बिगड़ जाने और अचानक गिर जाने से उसका पैर टूट गया। गंभीर हालत में उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया है जहां आर्थोपेडिक्स सर्जन ने उसका इलाज किया। दौड़ में एक और अभ्यर्थी अभिमन्यु ओझा भी बेहोश गिर गया जिसका डॉक्टरों की टीम ने इलाज किया। पुलिस भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों के बेहोश होकर गिरने और अस्पताल में हंगामे की यह पहली घटना नहीं है। पिछले दिनों एक और अभ्यर्थी ने बेली अस्पताल इमरजेंसी में जमकर तोड़फोड़ की थी। आपा खो चुके अभ्यर्थी ने डॉक्टराें, पैरा मेडिकल स्टाफ पर हमला बोल दिया था। हमले में एक डॉक्टर का दांत टूट गया था जबकि कई लोग घायल हो गए थे।
बेली अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों के हंगामा करने और डॉक्टरों तथा पैरा मेडिकल स्टाफ पर हमले की घटना से डॉक्टर सकते में हैं। उनका कहना है कि ऐसे में मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो जाएगा। बेली अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस ठाकुर का कहना है कि जिस तरीके से डॉक्टरों पर हमले हुए हैं, डॉॅक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ में घबराहट है। यदि पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा नहीं मुहैया करायी जाती है तो ऐसे मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
दौड़ के दौरान गाजीपुर निवासी रवींद्र यादव बेहोश होकर गिर गया। संतुलन बिगड़ जाने और अचानक गिर जाने से उसका पैर टूट गया। गंभीर हालत में उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया है जहां आर्थोपेडिक्स सर्जन ने उसका इलाज किया। दौड़ में एक और अभ्यर्थी अभिमन्यु ओझा भी बेहोश गिर गया जिसका डॉक्टरों की टीम ने इलाज किया। पुलिस भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों के बेहोश होकर गिरने और अस्पताल में हंगामे की यह पहली घटना नहीं है। पिछले दिनों एक और अभ्यर्थी ने बेली अस्पताल इमरजेंसी में जमकर तोड़फोड़ की थी। आपा खो चुके अभ्यर्थी ने डॉक्टराें, पैरा मेडिकल स्टाफ पर हमला बोल दिया था। हमले में एक डॉक्टर का दांत टूट गया था जबकि कई लोग घायल हो गए थे।
विज्ञापन
बेली अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों के हंगामा करने और डॉक्टरों तथा पैरा मेडिकल स्टाफ पर हमले की घटना से डॉक्टर सकते में हैं। उनका कहना है कि ऐसे में मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो जाएगा। बेली अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस ठाकुर का कहना है कि जिस तरीके से डॉक्टरों पर हमले हुए हैं, डॉॅक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ में घबराहट है। यदि पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा नहीं मुहैया करायी जाती है तो ऐसे मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन