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स्थिति भयावह, न संभले तो बूंद-बूंद पानी को तरसेंगे
Allahabad
Updated Sat, 28 Jun 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। शहर में भूगर्भ जल की स्थिति गंभीर होती जा रही है। बेतहाशा दोहन के कारण हालत यह है कि पॉश इलाकों सिविल लाइंस, अशोक नगर, टैगोर टाउन, जार्जटाउन, कटरा, तेलियरगंज आदि में भूजल स्तर छह माह में दो से तीन मीटर तक नीचे चला गया है। इसकी वजह से ट्यूबवेल जवाब देने लगे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर भूगर्भ जल विभाग लोगों को लगातार सचेत कर रहा है लेकिन बेतहाशा बोरिंग पर कोई नियंत्रण न होने के कारण स्थिति बिगड़ रही है। बारिश में हो रही देरी से आने वाले दिनों में स्थिति और खराब होगी।
शहर में बहुमंजिला इमारतों का जाल तेजी से बिछ रहा है। इसमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की इमारतें शामिल हैं। इन भवनों में पानी की आपूर्ति के लिए निजी तौर पर बोरिंग कराई गई है, जबकि 30 से 35 हजार घरों में बोरिंग कराई गई है। बोरिंग पर कोई नियंत्रण न होने का नतीजा है कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। भूगर्भ जल विभाग की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट पर गौर करें तो शहरियों के लिए आने वाले दिन मुसीबत भरे हो सकते हैं। खास यह कि शहर उत्तरी में ही भूजल स्तर की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। ऐसा इसलिए भी कि यहां पानी की आपूर्ति ट्यूबवेल से होती है, जबकि पुराने शहर के बडे़ हिस्से में जलापूर्ति यमुना से होती है। भूगर्भ जल विभाग के अधिशाषी अभियंता एचबी सामवेदी का कहना है कि बोरिंग पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। इसके लिए सख्त नियम बनाए जाने चाहिए। बताया कि बारिश जल्द न हुई तो स्थिति और खतरनाक होगी।
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शहर में बहुमंजिला इमारतों का जाल तेजी से बिछ रहा है। इसमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की इमारतें शामिल हैं। इन भवनों में पानी की आपूर्ति के लिए निजी तौर पर बोरिंग कराई गई है, जबकि 30 से 35 हजार घरों में बोरिंग कराई गई है। बोरिंग पर कोई नियंत्रण न होने का नतीजा है कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। भूगर्भ जल विभाग की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट पर गौर करें तो शहरियों के लिए आने वाले दिन मुसीबत भरे हो सकते हैं। खास यह कि शहर उत्तरी में ही भूजल स्तर की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। ऐसा इसलिए भी कि यहां पानी की आपूर्ति ट्यूबवेल से होती है, जबकि पुराने शहर के बडे़ हिस्से में जलापूर्ति यमुना से होती है। भूगर्भ जल विभाग के अधिशाषी अभियंता एचबी सामवेदी का कहना है कि बोरिंग पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। इसके लिए सख्त नियम बनाए जाने चाहिए। बताया कि बारिश जल्द न हुई तो स्थिति और खतरनाक होगी।
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