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बिना सचिव के हस्ताक्षर जारी कर दिया बुलावा पत्र
Allahabad
Updated Mon, 09 Jun 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से इन दिनों चल रहे प्रधानाचार्य पद के लिए साक्षात्कार में गंभीर खामी सामने आई है। साक्षात्कार का मानक पूरा हुए बिना चयन बोर्ड अध्यक्ष एवं सदस्यों की ओर से प्रधानाचार्य का इंटरव्यू लेटर जारी करने से मना करने के बाद भी वेबसाइट पर बिना सचिव के हस्ताक्षर ही बुलावा पत्र जारी कर दिया गया। इससे इंटरव्यू की वैधानिकता ही सवालों के घेरे में आ गई है।
चयन बोर्ड की वेबसाइट upscssb.in पर विभिन्न मंडलों के लिए प्रधानाचार्य साक्षात्कार के अर्ह अभ्यर्थियों की सूची पर तो अध्यक्ष एवं एक-दो सदस्यों के हस्ताक्षर तो हैं परंतु अभ्यर्थियों के लिए जारी पत्र के नीचे सचिव लिखा होने के बाद भी सचिव नीना श्रीवास्तव के हस्ताक्षर नहीं हैं। इंटरव्यू लेटर पर किसी जिम्मेदार अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं होने से दो जून से चल रहे साक्षात्कार की वैधानिकता पर सवाल खड़ा हो गया है।
चयन बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि सचिव की ओर से साक्षात्कार के पत्र जारी करने से मना करने केबाद अध्यक्ष और कुछ सदस्यों ने सचिव अथवा किसी जिम्मेदार अधिकारी के हस्ताक्षर के बिना ही वेबसाइट पर बुलावा पत्र (इंटरव्यू लेटर) जारी कर दिया। इस बात की शिकायत सचिव एवं उपसचिव की ओर से प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा मनोज कुमार सिंह से की गई है। आरोप है कि सचिव के हस्ताक्षर करने से मना करने के बाद बोर्ड के एक सदस्य ने उपसचिव पर दबाव बनाने की कोशिश की, इससे नाराज होकर उपसचिव भी अवकाश पर चले गए। इस बात की शिकायत भी प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा से की गई है।
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सरकारी काम में सहयोग नहीं करने और बिना सूचना के कार्यालय में सचिव के अनुपस्थित रहने से नाराज चयन बोर्ड अध्यक्ष डॉ. आशाराम ने सचिव एवं उपसचिव के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। उनका कहना है कि इन अधिकारियों को निलंबित करके वह शासन से नई नियुक्ति को कहेंगे। सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि चयन बोर्ड के अधिकारियों को हटाने अथवा निलंबित करने का अध्यक्ष को अधिकार नहीं है। वह मनमाने तरीकेसे काम कर रहे हैं, इसलिए उनके साथ वह सहयोग नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है। सचिव ने चयन बोर्ड के घटनाक्रम की जानकारी से मंडलायुक्त बादल चटर्जी को भी अवगत कराने का निर्णय लिया है।
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चयन बोर्ड की वेबसाइट upscssb.in पर विभिन्न मंडलों के लिए प्रधानाचार्य साक्षात्कार के अर्ह अभ्यर्थियों की सूची पर तो अध्यक्ष एवं एक-दो सदस्यों के हस्ताक्षर तो हैं परंतु अभ्यर्थियों के लिए जारी पत्र के नीचे सचिव लिखा होने के बाद भी सचिव नीना श्रीवास्तव के हस्ताक्षर नहीं हैं। इंटरव्यू लेटर पर किसी जिम्मेदार अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं होने से दो जून से चल रहे साक्षात्कार की वैधानिकता पर सवाल खड़ा हो गया है।
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चयन बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि सचिव की ओर से साक्षात्कार के पत्र जारी करने से मना करने केबाद अध्यक्ष और कुछ सदस्यों ने सचिव अथवा किसी जिम्मेदार अधिकारी के हस्ताक्षर के बिना ही वेबसाइट पर बुलावा पत्र (इंटरव्यू लेटर) जारी कर दिया। इस बात की शिकायत सचिव एवं उपसचिव की ओर से प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा मनोज कुमार सिंह से की गई है। आरोप है कि सचिव के हस्ताक्षर करने से मना करने के बाद बोर्ड के एक सदस्य ने उपसचिव पर दबाव बनाने की कोशिश की, इससे नाराज होकर उपसचिव भी अवकाश पर चले गए। इस बात की शिकायत भी प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा से की गई है।
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सरकारी काम में सहयोग नहीं करने और बिना सूचना के कार्यालय में सचिव के अनुपस्थित रहने से नाराज चयन बोर्ड अध्यक्ष डॉ. आशाराम ने सचिव एवं उपसचिव के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। उनका कहना है कि इन अधिकारियों को निलंबित करके वह शासन से नई नियुक्ति को कहेंगे। सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि चयन बोर्ड के अधिकारियों को हटाने अथवा निलंबित करने का अध्यक्ष को अधिकार नहीं है। वह मनमाने तरीकेसे काम कर रहे हैं, इसलिए उनके साथ वह सहयोग नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है। सचिव ने चयन बोर्ड के घटनाक्रम की जानकारी से मंडलायुक्त बादल चटर्जी को भी अवगत कराने का निर्णय लिया है।