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सातवें वेतन आयोग से कर्मचारियों ने मांगी अंतरिम राहत
Allahabad
Updated Mon, 02 Jun 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। वेतन बढ़ने के बाद भी महंगाई से परेशान कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग से अंतरिम राहत दिलाने की गुहार लगाई है। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि वेतन के अनुपात में खाद्य पदार्थों की कीमतें, बच्चों शिक्षा के खर्च ज्यादा बढ़े हैं। छठें वेतन आयोग में डीए मर्जर की अधूरी रह गई मांग को भी उठाया गया है। रेल कर्मचारी संगठनों ने रेलवे सेवा के विस्तार और सुधार, सुरक्षा और प्रशिक्षण, कार्य के घंटे आदि में सुधार के मुद्दे भी उठाए गए हैं। वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारी संगठनों से 15 जुलाई तक मांग पत्रों को आमंत्रित किया है। अनुमान है कि इसके बाद आयोग इन मामलों पर अपनी रिपोर्ट बनाना शुरू करेगा।
सातवां वेतन आयोग कर्मचारियों के वेतन और भत्तों, सेवा शर्तों आदि को लेकर लगातार कर्मचारी संगठनों से संपर्क बनाए हुए है। 28 मई को भी आयोग के कैंप कार्यालय में ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल को सुना। फेडरेशन ने आयोग के चेयरमैन जस्टिस अशोक कुमार माथुर, सदस्य विवेक रे, डॉ रथिन रॉय, सचिव मीना अग्रवाल के सामने कर्मचारियों की दिक्कतों को उठाया। फेडरेशन के महासचिव शिवगोपाल मिश्र ने रेल सेवा विस्तार और विकास, सुरक्षा और प्रशिक्षण, वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते, अंतरिम राहत और महंगाई भत्ते के मूल वेतन में मर्जर में सुधार की मांग उठाई। बताया, रेलवे के 7000 स्टेशनों में से छह हजार छोटे और दूरदराज के क्षेत्रों में हैं। तमाम सुविधाओं से वंचित होकर कर्मचारी यहां कार्य करते हैं। कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई भी इसमें बाधित होती है। रेलवे आधारभूत ढांचों में न सुधार कर रहा है और न ही कर्मचारियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में चुनौतीपूर्ण कार्य को देखते हुए सातवें वेतन आयोग में वेतन और भत्ते तय किए जाएं।
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सातवां वेतन आयोग कर्मचारियों के वेतन और भत्तों, सेवा शर्तों आदि को लेकर लगातार कर्मचारी संगठनों से संपर्क बनाए हुए है। 28 मई को भी आयोग के कैंप कार्यालय में ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल को सुना। फेडरेशन ने आयोग के चेयरमैन जस्टिस अशोक कुमार माथुर, सदस्य विवेक रे, डॉ रथिन रॉय, सचिव मीना अग्रवाल के सामने कर्मचारियों की दिक्कतों को उठाया। फेडरेशन के महासचिव शिवगोपाल मिश्र ने रेल सेवा विस्तार और विकास, सुरक्षा और प्रशिक्षण, वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते, अंतरिम राहत और महंगाई भत्ते के मूल वेतन में मर्जर में सुधार की मांग उठाई। बताया, रेलवे के 7000 स्टेशनों में से छह हजार छोटे और दूरदराज के क्षेत्रों में हैं। तमाम सुविधाओं से वंचित होकर कर्मचारी यहां कार्य करते हैं। कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई भी इसमें बाधित होती है। रेलवे आधारभूत ढांचों में न सुधार कर रहा है और न ही कर्मचारियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में चुनौतीपूर्ण कार्य को देखते हुए सातवें वेतन आयोग में वेतन और भत्ते तय किए जाएं।
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