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चमेली की मौत पर सरकार से जवाब तलब
Allahabad
Updated Tue, 28 Jan 2014 05:43 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। जसरा ब्लाक के खनटगिया गांव में भुखमरी से हुई चमेली देवी की मौत सरकार के गले की फांस बन गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार से जवाब तलब किया है। प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अपात्रों को बीपीएल कार्ड देने के मामले में भी सरकार से जवाब तलब किया है। विधि छात्र दीक्षा द्विवेदी और अन्य ने समाचार पत्रों के माध्यम से चमेली देवी की भूख से मौत की जानकारी होने पर मामले की जांच की। विधि छात्रों की एक टीम ने गांव का भ्रमण किया। पता चला कि चमेली देवी एक गरीब और वृद्ध महिला थी। उसके पास रहने के लिए घर नहीं था। फटी पॉलीथिन के नीचे वह ठंड के दिनों में रह रही थी। कई दिनों से भूखी होने के कारण वह चल बसी। छात्रों ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा कि 22 दिसंबर 2004 को मुख्य सचिव ने शासनादेश जारी कर सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि कुपोषण और भुखमरी से पीड़ित व्यक्ति को ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और बीडीओ तत्काल एक हजार रुपये देने और अनाज की व्यवस्था करें। चमेली देवी के मामले में जानकारी होने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। याचिका में कहा गया है कि गांव में राशन की दुकान कभी कभार ही खुलती है। तमाम अपात्र लोगों को बीपीएल कार्ड जारी किया गया जबकि तमाम जरूरतमंद इससे वंचित हैं। याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की खंडपीठ ने तीन सप्ताह में सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया है।
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