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लोकसभा से निर्वाचित ही बने पीएम-अनिल
Allahabad
Updated Mon, 16 Dec 2013 05:41 AM IST
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इलाहाबाद(ब्यूरो)। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व मंत्री अनिल शास्त्री ने यह कहकर खलबली मचा दी है कि लोकसभा से निर्वाचित नेता को ही प्रधानमंत्री पद की जम्मेदारी दी जानी चाहिए। लोकसभा से निर्वाचित नेता ही आम आदमी की नब्ज को पहचान सकता है। उनकी मांग है कि इसके लिए संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए ताकि अलग से कानून बनाया जा सके।
इलाहाबाद दौरे पर आए अनिल शास्त्री ने यह बातें ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कही। इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट भी किया है। अनिल शास्त्री ने चार राज्यों में कांग्रेस की पराजय के बाद शरद पवार के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि कमजोर नेतृत्व के कारण पार्टी हारी। अनिल का कहना है कि शरद उसी कमजोर नेतृत्व वाली सरकार में नौ साल मंत्री रहे। शरद को इस तरह के बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने यह मांग भी की है कि कि आगामी लोकसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह को मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी देनी चाहिए, क्योंकि उनसे बेहतर इस प्रदेश को कांग्रेस में कोई और नहीं जानता। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने चार राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद कहा था कि पार्टी महंगाई की वजह से हारी। इसका आत्म विश्लेषण किया जाएगा। उनकी राय है कि इस मसले पर पार्टी के साथ प्रधानमंत्री को भी आत्म विश्लेषण करना चाहिए।
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इलाहाबाद दौरे पर आए अनिल शास्त्री ने यह बातें ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कही। इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट भी किया है। अनिल शास्त्री ने चार राज्यों में कांग्रेस की पराजय के बाद शरद पवार के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि कमजोर नेतृत्व के कारण पार्टी हारी। अनिल का कहना है कि शरद उसी कमजोर नेतृत्व वाली सरकार में नौ साल मंत्री रहे। शरद को इस तरह के बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने यह मांग भी की है कि कि आगामी लोकसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह को मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी देनी चाहिए, क्योंकि उनसे बेहतर इस प्रदेश को कांग्रेस में कोई और नहीं जानता। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने चार राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद कहा था कि पार्टी महंगाई की वजह से हारी। इसका आत्म विश्लेषण किया जाएगा। उनकी राय है कि इस मसले पर पार्टी के साथ प्रधानमंत्री को भी आत्म विश्लेषण करना चाहिए।
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